PHOTOS: वाकई दमदार है भारत के पहले CDS की वर्दी, देखते ही आप भी करेंगे- सैल्यूट

पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाए गए हैं.

PHOTOS: वाकई दमदार है भारत के पहले CDS की वर्दी, देखते ही आप भी करेंगे- सैल्यूट
सीडीएस (CDS) को सबसे प्रमुख जिम्मेदारी भविष्य की रणनीति बनाने की होगी. फोटो साभार:- @adgpi

नई दिल्ली: देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानि CDS के नाम का सरकार ने औपचारिक ऐलान कर दिया है. पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाए गए हैं. बिपिन रावत सरकार के सबसे बड़े सैन्य सलाहकार होंगे. 31 दिसंबर को बिपिन रावत सेना प्रमुख के पद से रिटायर हो गए. उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाने ने सेना प्रमुख का पद संभाला है. सीडीएस के गठन के बाद लोगों में उत्सुकता थी कि सीडीएस प्रमुख की वर्दी कैसे होगी. उसका ऑफिस कहां होगा, सीडीएस का काम क्या रहेगा. तो आइए हम आपको बताते हैं सीडीएस से जुड़ी वह तमाम बातें जो आप नहीं जानते हैं.

CDS की वर्दी 
सीडीएस का ऑफिस साउथ ब्लॉक में सेकंड फ्लोर पर होगा और उनकी यूनिफॉर्म पैरंट सर्विस वाली होगी. यानी सीडीएस बनने के बाद भी जनरल रावत ओलिव ग्रीन यूनिफॉर्म में दिखेंगे. CDS की बेसिक यूनिफॉर्म उनकी सर्विस की ही रहेगी, बस उसमें रैंक के बैज और लोगो चेंज होंगे.


सीडीएस के कार का फ्लैग कुछ ऐसा होगा. फोटो साभार:- @adgpi

अगर कभी एयरफोर्स या नेवी से CDS बने तो उनकी बेसिक यूनिफॉर्म भी उनकी सर्विस की ही रहेगी. वहीं, वर्दी में तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं. 


कुछ ऐसी होगी सीडीएस की कैप. फोटो साभार:- @adgpi

कंधे पर तीनों सेवाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए गोल्डन रैंक के साथ एक मैरून पैच होगा. तीन सेवाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए सीडीएस की टोपी और बैज भी अलग होगी. इसे लेकर एडीजीपीआई ने ट्विटर पर कुछ ट्वीट्स किए हैं. इसमें उन्होंने बेल्ट बकल, कैप, कार फ्लैग आदि की तस्वीरें दी हैं.


सीडीएस के बेल्ट की बकल. फोटो साभार:- @adgpi

सीडीएस की भूमिका?
भारत का पहला तीनों सेनाओं का अध्यक्ष यानी सीडीएस (CDS) रक्षा मंत्रालय के तहत डिपार्टमेंट ऑफ मिलिटरी अफेयर्स का मुखिया होंगे. सीडीएस (CDS) रक्षामंत्री से रक्षा मामलों से जुड़े मसलों पर सीधे संपर्क कर सकेगा और राय दे सकेगा.


बटन.फोटो साभार:- @adgpi

तीनों सेनाओं की सारी सम्मिलित कमान यानी ट्राइ सर्विस कमांड अब सीडीएस (CDS) के अधीन होंगी. करगिल युद्ध के बाद कारगिल रिव्यू कमेटी और नरेश चंद्रा कमेटी ने सीडीएस (CDS) की सिफारिश की थी. 

सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल
इससे तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल का साथ-साथ रक्षा बजट का उचित इस्तेमाल हो सकेगा. तीनों सेनाओं के ऑफिसरों का ट्रेनिंग स्कूल यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी सीडीएस (CDS) की कमान में होगा. इसके अलावा आर्म्ड फोर्सेज़ मेडिकल सर्विस, इंजीनियरिंग सर्विस और नेशनल डिफेंस कॉलेज भी सीडीएस (CDS) की कमान में होगा. 


सीडीएस का शोल्डर बैच ऐसा होगा. फोटो साभार:- @adgpi

भविष्य की रणनीति बनाएंगे
सीडीएस (CDS) को सबसे प्रमुख जिम्मेदारी भविष्य की रणनीति बनाने की होगी. भविष्य में तीनों सेनाओं की सम्मिलित कमान यानी थियेटर कमान की योजना बनाने का काम भी सीडीएस (CDS) करेगा. तीनों सेनाओं को मिलने वाले बजट का उचित इस्तेमाल करने के लिए सीडीएस (CDS) डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल यानि डीएसी का सदस्य होगा.