कोरोना वायरस पर PM मोदी का बड़ा बयान: '72 घंटे में बीमारी का पता चलने पर खतरा कम'

पीएम मोदी ने कहा कि लोगों में विश्वास बढ़ा है और डर भी कम हुआ है. हमने मृत्यु दर को 1 प्रतिशत से भी नीचे लाने का जो लक्ष्य रखा है उसे हासिल करने की कोशिश करें.

कोरोना वायरस पर PM मोदी का बड़ा बयान: '72 घंटे में बीमारी का पता चलने पर खतरा कम'

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) संकट पर 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की. उन्होंने कहा कि टेस्टिंग की संख्या बढ़कर हर दिन 7 लाख तक पहुंच चुकी है और लगातार बढ़ भी रही है. इससे संक्रमण को पहचानने और रोकने में मदद मिल रही है. हमारे यहां औसत मृत्यु दर पहले भी दुनिया के मुकाबले काफी कम थी, संतोष की बात है कि ये लगातार और कम हो रही है. रिकवरी रेट भी लगातार बढ़ता जा रहा है. इसका मतलब है कि हमारे प्रयास सिद्ध हो रहे हैं.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि लोगों में विश्वास बढ़ा है और कोरोना का डर भी कम हुआ है. हमने मृत्यु दर को 1 प्रतिशत से भी नीचे लाने का जो लक्ष्य रखा है उसे हासिल करने की कोशिश करें. पीएम मोदी ने आरोग्य सेतु ऐप की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि इसकी मदद से संक्रमित मरीजों को ट्रैक करने में मदद मिल रही है. 72 घंटे में बीमारी का पता चलने पर खतरा कम हो जाता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज 80 प्रतिशत एक्टिव मामले दस राज्यों में हैं इसीलिए कोरोना के खिलाफ लड़ाई में इन सभी राज्यों की भूमिका बहुत बड़ी है. आज देश में एक्टिव मामले 6 लाख से ज्यादा हो चुके हैं. जिन राज्यों में टेस्टिंग रेट कम है और जहां पॉजिटिविटी रेट ज्यादा है, वहां टेस्टिंग बढ़ाने की जरूरत सामने आई है. खासतौर पर बिहार, गुजरात, यूपी, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में टेस्टिंग बढ़ाने पर खास बल देने की बात इस समीक्षा में निकली है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना वायरस पर चर्चा की. पीएम मोदी की पिछले 5 महीने में राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ये सातवीं बैठक थी.

पीएम ने कहा कि अब तक का हमारा अनुभव है कि कोरोना के खिलाफ कंटेनमेंट, कांटेक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस, सबसे प्रभावी हथियार है. अब जनता भी इस बात को समझ रही है, लोग सहयोग कर रहे हैं.