प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे PMMSY की शुरुआत, लाखों परिवारों को पहुंचेगा फायदा

मत्स्य संपदा योजना को देश भर में मत्स्य पालन को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है. केंद्र सरकार अगले पांच वर्षों में वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक इस स्कीम में लगभग 20,050 करोड़ रुपये खर्च करेगी.

प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे PMMSY की शुरुआत, लाखों परिवारों को पहुंचेगा फायदा
प्रधानमंत्री आज मत्स्य संपदा योजना की शुरुआत करेंगे...

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना  (Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana-PMMSY) की शुरुआत करेंगे. आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री  मछली पालन और पशुपालन सेक्टर के लिए बड़े ऐलान कर सकते हैं. बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister Office) की ओर से जारी बयान में कहा कि बिहार में मछली पालन और पशुपालन के क्षेत्र में कई योजनाओं का एलान हो सकता है. गौरतलब है कि बिहार में आगामी अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं.

क्या है PMMSY ?
मत्स्य संपदा योजना को देश भर में मत्स्य पालन को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है. केंद्र सरकार अगले पांच वर्षों में वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक इस स्कीम में लगभग 20,050 करोड़ रुपये खर्च करेगी. सरकार के मुताबिक इस स्कीम से देश के लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा. PMMSY योजना के तहत देश में 2024-25 में मछली के उत्पादन को लगभग 70 लाख टन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.

बिहार को ये सौगात
इस मौके पर प्रधानमंत्री PMMSY योजना के तहत सीतामढ़ी में फिश ब्रूड बैंक और किशनगंज में एक्वेटिक डिसीज रेफरल लैब की शुरुआत करेंगे जो मछली के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करेगा. इन सुविधाओं से मछली पालको को अच्छे मछली के बच्चे भी मिल पाएंगे. वहीं मधेपुरा में एक मछली के लिए चारा बनाने के एक प्लांट की भी शुरुआत करेंगे. पूसा (समस्तीपुर) में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में फिश प्रोडक्शन टेक्नॉलजी सेंटर का उद्घाटन होगा. वहीं पूर्णिया, पटना और बेगूसराय में पशुपालन से जुड़े अहम प्रोजेक्ट भी लॉन्च किए जाएंगे. विकास के इन कार्यों से बिहार को अत्यधिक लाभ होगा. 

e-Gopala App होगा लांच
ये वो प्लेटफार्म है जिसके जरिए पशुपालक अपना उत्पादन बढ़ाने के लिए अपने जानवरों की नस्ल को सुधारने के लिए जानकारी ले सकते हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसान बेहतर semen, embryos आदि की खरीदारी संभव हो सकेगी. यानि लाखों किसानों-पशुपालकों को इसका फायदा पहुंचने के साथ उनके लिए रोजगार के अवसर भी बनेंगे.