जालोर: नर्मदा नहर के किनारे वन विभाग ने लगाए पेड़, अब PWD का ठेकेदार चला रहा जेसीबी

वर्षों पहले अवैध बालू खनन पर रोक लगाने के बावजूद राजस्थान में यह काम धड़ल्ले से हो रहा है. 

जालोर: नर्मदा नहर के किनारे वन विभाग ने लगाए पेड़, अब PWD का ठेकेदार चला रहा जेसीबी
वर्षों पहले अवैध बालू खनन पर रोक लगाने के बावजूद राजस्थान में यह काम धड़ल्ले से हो रहा है.

बबलू मीणा, जालोर: एक तरफ तो विभाग पेड़ लगाने की बात कर रहा है लेकिन दूसरी तरफ लगे-लगाए पेड़ों पर पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार की जेसीबी चल रही है लेकिन नर्मदा विभाग और वन विभाग दोनों ही इस मामले में मौन हैं.

दरअसल, नर्मदा नहर के किनारे नर्मदा विभाग की भूमि है. इस भूमि पर वन विभाग ने पौधे लगाकर हरियाली लगाई है लेकिन जब किसी ठेकेदार को रेत की जरूरत होती है, तब नर्मदा नहर के किनारे पड़ी जमीन ही दिखाई देती है लेकिन कोई भी अधिकारी इसे नहीं रोक रहे हैं. इससे पहले भी रेत की जरूरत होने पर कई पेड़ ठेकेदार की जेसीबी के आगे धराशाई होते देखे हैं और अब भी यह काम जारी है.

चितलवाना उपखंड के हालीवाव से मेघावा मंदिर पर पीडब्ल्यूडी विभाग की और से सड़क बनाई जा रही है और इस सड़क के बीच में ऊंचाई बढ़ाने के लिए रेत की जरुरत को देखते हुए ठेकेदार ने नर्मदा विभाग की जमीन से अवैध खुदाई शुरु कर दी है. वहीं, इस जमीन पर वन विभाग की ओर पौधे लगाए गए वो भी जेसीबी के आगे धराशाई हो रहा है लेकिन न तो नर्मदा विभाग इन ठेकेदारों पर कार्रवाई कर रहा है और न ही वन विभाग.

अब देखने वाली बात यह है कि दोनों विभाग इन ठेकेदारों पर कार्रवाई करेगा या फिर ऐसे धड़ल्ले से पेड़ काटे जाएंगे और अवैध खनन जारी रहेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने गत बुधवार को यह जानकार आश्चर्य जताया कि वर्षों पहले अवैध बालू खनन पर रोक लगाने के बावजूद राजस्थान में यह काम धड़ल्ले से हो रहा है. मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए थे. अब देखने वाली बात यह है कि विभाग कब तक अवैध खनन में रोक लगाएगा?