जयपुर में सक्रिय है 'दाल वाली मौत के सौदागर', 20 हजार किलो मिलावटी दाल हुआ जब्त

राजधानी जयपुर से चल रहे मौत के इस कारोबार में वीकेआई, सरना डूंगर, बिन्दायका इस गोरख धंधे के गढ़ माने जाते हैं

जयपुर में सक्रिय है 'दाल वाली मौत के सौदागर', 20 हजार किलो मिलावटी दाल हुआ जब्त
अनुपयोगी(waste) और घटिया किस्म की दाल से करते हैं मिलावट. (फोटो साभार: DNA)

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में आम लोगों को मिलावटी दाल की आपूर्ति बदस्तूर जारी है. जिसपर राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू की है. जयपुर फ़ूड सेफ्टी टीम ने पिछले दो सप्ताह में करीब 20 हजार किलो मिलावटी दाल जब्त किया है. 

बताया जा रहा है कि, स्थानीय बाजारों में खराब दाल में सिंथेटिक कलर मिलाकर बेचा जा रहा था. इसके अलावा सॉप स्टोन (घीया पत्थर) पाउडर से खराब दाल को चमकाने की बात भी सामने आई है. वहीं, अरहर दाल में प्रतिबंधित 'खेसारी दाल' की मिलावट भी की जी रही है. जिसकी आपूर्ति राजधानी जयपुर में मध्यप्रदेश से हो रही है. जानकारों की माने तो प्रतिबंधित 'खेसारी दाल' के लगातार 6 से 8 महीनें तक इस्तेमाल करने के कारण न्युरोलॉजिकल बीमारी भी हो सकती है. 

राजस्थान की राजधानी जयपुर से चल रहे मौत के इस कारोबार में वीकेआई, सरना डूंगर, बिन्दायका इस गोरख धंधे के गढ़ माने जाते हैं. मंगलवार को जयपुर फ़ूड सेफ्टी टीम ने एक ऐसी फैक्ट्री पर छापा मारा, जहां दाल को चमकाने के लिए सोप स्टोन (घीया पत्थर) काम में लिया जा रहा था. 450 किलोग्राम से अधिक इस पाउडर से खराब दाल को चमकाने का काम किया जाता था. टीम ने इस घीया पत्थर को जब्त कर लिया है.

वहीं मौके पर मौजूद अरहर दाल में खेसारी दाल की संभावना होने पर 1500 किलोग्राम दाल जब्त की गई है. इस दाल के सैंपल लिए गए हैं. ये पहला मौका नहीं था जब दाल में मिलावट को लेकर कार्रवाई की गई हो बल्कि पिछले दो सप्ताह से स्वास्थ्य विभाग की टीमें शुद्ध के लिए युद्ध लड़ रही ह.

अनुपयोगी(waste) और घटिया किस्म की दाल से करते हैं मिलावट

मिलावट करने वाले फैक्ट्री के उस माल पर नजर रखते हैं, जो कि वेस्ट में आ जाता है. यानि कि यह दाल बहुत अच्छी नहीं होती और बाजार में बेचे जाने लायक नहीं होती. ऐसे में यह उस दाल को एकत्र कर साफ करते हैं. दाल के रंग के अनुसार रंग तैयार कराते हैं और मिलावट करते हैं. अभी तक जो बात सामने आई हैं, उनमें फूड कलर मिलाना बताया गया है. वहीं अरहर और अन्य प्रकार की दालों को चिकना और चमकदार बनाने के लिए घीया पत्थर इस्तेमाल में लिया जाता है. इसके अलावा मिलावटिए बाजार से घटिया किस्म की दाल बहुत ही सस्ते (20 रुपए किलोग्राम) दामों में खरीद लेते हैं. इन दालों को साफ कर कलर से चमकाया जाता है. इन सब में उनकी लागत अधिकतम 35 रुपए किलोग्राम तक पहुंचती है. इसके बाद दाल को 60 से 70 रुपए किलोग्राम तक बाजार में बेच दिया जाता है.

आपकी सेहत को कैसे नुकसान पहुंचाती है ये मिलावट

खेसारी दाल: यह इतनी घातक है कि यदि छह महीने इसका उपयोग कर लिया तो पैरालाइसिस(Paralysisi) होना तय है. इसीलिए इसे देश भर में प्रतिबंधित किया गया है. लेकिन फिर भी यह मध्यप्रदेश के रास्ते राजस्थान में आता है. न्यूरो के अलावा आंख और स्किन और अन्य अंगों को भी सीधा प्रभावित करती है.

सोप स्टोन: स्किन डिजीज होना तय. शरीर पर सफेद चकत्ते होना शुरू हो जाते हैं. लंबे समय तक उपयोग से किडनी प्रभावित करती है.

फूड कलर: एलर्जी तय. क्योंकि सीधे शरीर में जाती है. स्किन खराब कर देती है और मुंह पर सूजन आ जाती है. ज्यादा उपयोग से कैंसर का खतरा.