राजस्थान में स्वाइन फ्लू से 41 मौतें, स्वास्थ्य विभाग की कोशिशें नाकाम

स्वाइन फ्लू के लक्षणों में सबसे पहले सामान्य जुकाम ही होता है लेकिन इस जुकाम से संक्रमित व्‍यक्ति को 100 डिग्री या उससे अधिक बुखार की शिकायत भी होने लगती है.

राजस्थान में स्वाइन फ्लू से 41 मौतें, स्वास्थ्य विभाग की कोशिशें नाकाम
फाइल फोटो

जयपुर: प्रदेशभर में स्वाइन फ्लू से 17 दिनों में ''41'' मौत हो चुकी है और 971 से ज्यादा स्वाइन फ्लू पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं. देश में स्वाइन फ्लू के मामले में राजस्थान दुसरे पायदान पर है. जनवरी के महीने में ठंड के असर के कारण स्वाइन फ्लू के ज्यादा मरीज सामने आते है लेकिन चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा और उनके महकमे के तमाम प्रयासों के बावजूद भी इस बीमारी से होने वाली मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. 

जानकारी के मुताबिक मुख्य रूप से स्वाइन फ्लू के पॉजिटिव केस पीड़ित समय से अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं. शुरुआती लक्षणों के बाद जब इन्फेक्शन लंग्स तक पहुंच जाता है और वेंटिलेटर वाली हालत हो जाती है उस स्थिति में लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं. ऐसे में सवाल ये है कि क्या जो बात चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं वो बात उनका महकमा ठीक से लोगों तक पहुंचाने में चूक रहा है.

स्वाइन फ्लू के लक्षणों में सबसे पहले सामान्य जुकाम ही होता है लेकिन इस जुकाम से संक्रमित व्‍यक्ति को 100 डिग्री या उससे अधिक बुखार की शिकायत भी होने लगती है. स्वाइन फ्लू जैसे-जैसे शरीर में फैलता रहता है वैसे-वैसे रोगी की भूख कम हो जाती है और नाक से पानी बहने लगता है. कुछ लोगों को तो गले में जलन, सूजन, उबकाई, उल्टियां या डायरिया भी हो जाता है. जो कोई भी स्वाइन फ्लू वायरस से ग्रसित होता है उनमें इन लक्षणों में से तीन-चार लक्षण जरूर दिखाई पड़ते है.

स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य जुकाम के लक्षणों की तरह ही होते हैं. बुखार, तेज ठंड लगना, गला खराब हो जाना, मांसपेशियों में दर्द होना, तेज सिरदर्द होना, खांसी आना, कमजोरी महसूस करना आदि लक्षण स्वाइन फ्लू में ही दिखाई पड़ते हैं. गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज यदि समय रहते किया जाए तो व्यक्ति ठीक हो सकता है अन्यथा इस बीमारी से उसकी मौत हो सकती है.