जोधपुर लोकसभा सीट पर वैभव गहलोत के लिए बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह बने बड़ी चुनौती

गजेंद्र सिंह पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बेहद नजदीक माने जाते हैं और यही कारण है कि इस सीट पर मुकाबला वैभव गहलोत गजेंद्र सिंह के बीच ना होकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के बीच का हो गया है. 

जोधपुर लोकसभा सीट पर वैभव गहलोत के लिए बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह बने बड़ी चुनौती
वैभव गहलोत ने जीत के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है.

जोधपुर: राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों में से सबसे हॉट और चर्चित सीट जोधपुर पर कांग्रेस के प्रत्याशी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत ने जीत के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. वैभव गहलोत के सामने भाजपा की तरफ से दिग्गज नेता और पिछली बार के सांसद गजेंद्र सिंह चुनावी मैदान में हैं. गजेंद्र सिंह पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बेहद नजदीक माने जाते हैं और यही कारण है कि इस सीट पर मुकाबला वैभव गहलोत गजेंद्र सिंह के बीच ना होकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के बीच का हो गया है. 

वैसे तो जोधपुर लोकसभा सीट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पारंपरिक सीट रही है. अशोक गहलोत यहां पर 5 बार सांसद रहे हैं केंद्र में मंत्री बने और यही से सूबे की सियासत में एंट्री करते हुए तीसरी बार सीएम भी बने हैं. जोधपुर लोकसभा सीट का मिजाज हमेशा अशोक गहलोत के अनुकूल रहा है. विधानसभा चुनाव में सरदारपुरा उनकी पारंपरिक सीट रही है और पिछले कई चुनाव से अशोक गहलोत सरदारपुरा में अधिक चुनाव प्रचार के लिए भी नहीं आते हैं. उनके पास जिम्मेदारी पूरे प्रदेश की होती है. अशोक गहलोत की छवि भी एक बड़े नेता की है और यहां के लोगों को गर्व भी होता है कि मुख्यमंत्री हमारे क्षेत्र से हैं. लेकिन सबके बावजूद अपना पहला चुनाव लड़ रहे वैभव गहलोत के लिए रहा इतनी आसान नहीं नजर आती.

भाजपा के गजेंद्र सिंह से मुकाबला वैभव गहलोत के लिए हार और जीत का है लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है. वैभव गहलोत 2009 में सक्रिय राजनीति में आने की इच्छा जाहिर कर चुके थे लेकिन अशोक गहलोत उन्हें संगठन में काम करने के लिए कहा. बतौर पार्टी महासचिव कई साल काम करने के बाद वैभव गहलोत को इस बार पार्टी ने टिकट दिया और पहला चुनाव लड़ रहे वैभव गहलोत को असल राजनीति की जमीनी हकीकत समझ में आने लगी.

वहीं अशोक गहलोत जमीनी तौर पर राजनीति करने में विश्वास रखते हैं वैभव गहलोत भी इसी तरह के चुनाव प्रचार में लगे हैं. सुबह 6 बजे उनके दिन की शुरुआत होती है जोधपुर के आगे आरटीडीसी के होटल घूमर में वैभव गहलोत ने अपना ठिकाना बना रखा है. यहां सुबह स्थानीय पार्टी नेताओं कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद 7 बजे से वैभव गहलोत के चुनाव प्रचार का कार्यक्रम शुरू होता है. दिन भर करीब एक दर्जन सभाएं संवाद कार्यक्रम के अलावा भी कई ऐसे निजी कार्यक्रम है. जिनमें वैभव गहलोत शामिल होते हैं. 

वैभव गहलोत के चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाले कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ का मानना है कि जोधपुर की जनता का एक ख़ास लगाव मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ है और यही प्यार और स्नेह वैभव गहलोत को मिल रहा है. वैभव गहलोत की सरलता सहजता और जोधपुर की मिट्टी से जुड़ाव भी उन्हें एक विशेष नेता बनाता है और उनकी कोशिश भी है कि जोधपुर के सभी वर्गों से सभी समाज से सभी जातियों से चुनाव प्रचार के दौरान वो मिले उनके बीच अपनी सोच अपनी पार्टी का विजन रखें.