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महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर CM गहलोत ने 1 साल तक कार्यक्रम बढ़ाने की घोषणा की

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य, प्रेम और अहिंसा के सिद्धान्त पर दृढ़ रहने के दर्शन में सभी समस्याओं का समाधान है. हर किसी को उनका चिंतन और विचार अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए.

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर CM गहलोत ने 1 साल तक कार्यक्रम बढ़ाने की घोषणा की
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में वर्ष भर से हो रहे कार्यक्रमों की अवधि अब एक वर्ष और बढ़ा दी गई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय समिति की बैठक में इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि गांधीजी के दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 150वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रम अब अक्टूबर 2020 तक आयोजित किए जाएंगे.  

गांधीजी के विचार और कृतित्व इतना विशाल है कि एक वर्ष के कार्यक्रमों से ही उसका प्रसार सम्भव नहीं है इसलिए गहलोत सरकार एक और वर्ष तक गांधीजी के जीवन दर्शन से संबंधित गतिविधयां और समारोह आयोजित करेगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक बापू का अहिंसा, शांति, सादगी और सत्य का संदेश पहुंच सके. 

गहलोत ने कहा कि यह बड़ा काम है, इसके लिए स्वयं सेवकों की सेना तैयार करनी होगी, जो पूरे मनोयोग से गांधी के विचारों का व्यापक प्रसार करे. सरकार अकेले इस काम को अंजाम नहीं दे सकती, इसके लिए सभी का सहयोग जरूरी है. तभी हम आगामी 15 माह का समय गांधीजी के लिए समर्पित कर उनके जीवन मूल्यों को जन-जन तक ले जाने में कामयाब होंगे. 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य, प्रेम और अहिंसा के सिद्धान्त पर दृढ़ रहने के दर्शन में सभी समस्याओं का समाधान है. हर किसी को उनका चिंतन और विचार अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शांति एवं अहिंसा विभाग स्थापित करेगी. साथ ही, एक गांधी आश्रम और जयपुर में गांधी संग्रहालय की स्थापना पर भी विचार किया जा रहा है. 

कला एवं संस्कृति मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि गांधीजी की जयंती के उपलक्ष्य में संकल्प रैलियां आयोजित की जा रही हैं. साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविरों में भी श्रम संस्कार तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से गांधी दर्शन की जानकारी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि गांधी साहित्य पर आधारित विभिन्न प्रकाशकों की पुस्तकों के लिए प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा. 

उन्होंने विभिन्न अकादमियों के प्रकाशनों में गांधीजी के जीवन दर्शन पर आधारित लेख भी आमंत्रित किए. शिक्षा राज्यमंत्री श्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि स्कूलों में गांधीजी से संबंधित साहित्य उपलब्ध करवाया जा रहा है. हमारा प्रयास हैं कि हर विद्यार्थी के हाथ में गांधीजी का जीवन दर्शन हो. उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में अब 50-60 शिक्षकों के स्थान पर करीब 1 हजार शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा. उन्हें गांधीजी के चित्र वाले स्मृति चिन्ह भेंट किए जाएंगे. 

प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय भी शुरू किए जा रहे हैं. साथ ही हर स्कूल में उतने वृक्ष लगाए जा रहे हैं, जितने नए नामांकन हुए हैं.