आपदा प्रबंधन पर जयपुर में हुई कांफ्रेस, संसाधनों को प्रभावी बनाने पर हुई चर्चा

कार्यक्रम का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ की राजस्थान इकाई की ओर से किया गया था.

आपदा प्रबंधन पर जयपुर में हुई कांफ्रेस, संसाधनों को प्रभावी बनाने पर हुई चर्चा
कांफ्रेंस में देश और प्रदेश में आपदा प्रबंधन में आ रहे बदलावों पर भी चर्चा हुई.

जयपुर: राजधानी जयपुर में आपदा प्रबंधन पर एक कार्यक्रम का आयोजन गुरूवार को हुआ. इस दौरान देशभर से आपदा विशेषज्ञ कार्यक्रम में मौजूद रहे. कार्यक्रम का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ की राजस्थान इकाई की ओर से किया गया था. 

नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट पर आयोजित कांफ्रेंस में देश और प्रदेश में आपदा प्रबंधन में आ रहे बदलावों पर चर्चा हुई.  वहीं, मौजूदा हालात में इसकी आवश्कताओं और खतरों पर चर्चा की गई. कार्यक्रम में राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल भी मौजूत थे. इसके अलावा मुख्य सचिव डी बी गुप्ता, सचिव आपदा प्रबंधन आशुतोष ए पेंडणेकर, राष्ट्रीय आपदा रेस्पॉन्स फोर्स के DG एस एन प्रधान, ACS इंडस्ट्री सुबोध अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे. 

संसाधनों में बेहतर सुधार की गुजांइश

कांफ्रेंस के दौरान कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए. जिसमें आपदा प्रबंधन में सुधार और संसाधनों की जरूरतों पर चर्चा हुई. कार्यक्रम के दौरान राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा, ''राजस्थान की आपदा प्रबंधन टीम देशभर में बेहतर पायदान पर हैँ, लेकिन संसाधनों में इजाफे की आवश्यकता अभी भी है. वर्तमान में आपदा प्रबंधन की टीम की भूमिका महत्वपूर्ण हैँ. आपदा के समय नुकसान कम करने में प्रदेश मैं मौजूद संसाधन प्रभावी हो रहे हैँ.'' कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांफ्रेंस में आपदा प्रबंधन को संगठित करने के लिए आने वाले सुझावों को लागू करने की बात भी कही. 

राजस्थान से सटे बॉर्डर पर अलर्ट जारी 

कार्यक्रम के दौरान मंत्री मेघवाल ने बॉर्डर पर हाल की स्थिति पर कहा कि इस समय पूरा देश एक साथ खड़ा है. राजस्थान से सटे बॉर्डर पर राजस्थान सरकार की चौकस नजर है. देश को सीमावर्ती इलाकों के हवाई अड्डों की जरूरत हैँ ऐसे में  गुजरात में राहुल गांधी की सभा कैंसिल की गई हैँ. चूरू सभा मे PM मोदी के दिए बयान पर उन्होंने कहा कि ऐसा कौन सा PM जो देश को झुकने देगा. 

राज्य सरकार उठाएगी कदम

उन्होंने बताया कि राजस्थान के कुछ इलाके आपदा के लिए अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं. अलवर, जालोर, बाड़मेर जिले में आपदा की संभावना अधिक है. समय के साथ हमने आपदा प्रबंधन को मजबूत किया हैँ. लेकिन आवश्कता अधिक र्टेनिंग और आधुनिक संसाधनों की अभी भी बनी हुई हैं. प्रदेश सरकार संसाधनों में इजाफे के लिए जल्द ही कदम उठाएगी.