COVID-19 Impact: 5 साल तक कम हो सकती है मस्तिष्क की उम्र, घातक बिमारियों का भी खतरा

कोरोना वायरस (Coronavirus) का असर मस्तिष्क (Brain) पर भी देखने को मिल रहा है. डॉक्टरों के अनुसार आने वाले समय में मस्तिष्क पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है.

COVID-19 Impact: 5 साल तक कम हो सकती है मस्तिष्क की उम्र, घातक बिमारियों का भी खतरा
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोटा: कोरोना वायरस (Coronavirus) का असर मस्तिष्क (Brain) पर भी देखने को मिल रहा है. डॉक्टरों के अनुसार आने वाले समय में मस्तिष्क पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है. विशेषज्ञों का तो यहां तक मानना है कि संक्रमण के कारण मस्तिष्क की उम्र 5 साल तक कम हो सकती है, जिस कारण कई तरह की तकलीफें भी देखने को मिल सकती हैं. 

काेराेना पर रिसर्च (Research on Corona) से जुड़े एक्सपर्ट बताते हैं कि मस्तिष्क की उम्र घटने के बाद भी संभव है कि आने वाले समय में संक्रमित रोगियों में अल्जाइमर (Alzheimer), पार्किंसन (Parkinson) और डिमेंशिया (Dementia) जैसी तकलीफें देखने को मिले. कई संक्रमितों में स्ट्रोक के मामले सामने आए हैं. कुछ मरीज तो स्ट्रोक के साथ अस्पताल पहुंचे और जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई. यह स्ट्रोक संक्रमण की वजह से मस्तिष्क को हुए नुकसान से आए. मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं की इंडोलिथियम को वायरस नुकसान पहुंचाता है. इंडोलीथियम नसों (Infolithium veins) में रक्त को जमने नहीं देती है. जब इसे नुकसान होता है तब नसों में खून के थक्के बन जाते हैं जिससे स्ट्रोक होता है. चार घंटे के भीतर एक जरूरी इंजेक्शन न लगे तो मरीज के हित में कुछ भी कहना ठीक नहीं होता है.

कोविड (Covid 19) के सबसे पहले लक्षण स्वाद और गंध खत्म होना ही न्यूरोलॉजिकल कॉम्प्लिकेशन (Neurological Complication) है. कुछ मरीज सिर दर्द की शिकायत करते हैं, कुछ पेशेंट्स में स्ट्रोक भी हुआ है. माइग्रेन (Migraine) वाले मरीजों में यदि कोविड हो जाए इसकी फ्रिक्वेंसी बढ़ सकती है. कुछ मरीजों ने याददाश्त कम होने की भी शिकायतें की हैं. कोटा में एक केस एनसिफेलाइटिस का भी आया था, जिससे रोगी के ब्रेन में सूजन आ गई थी और उसकी मौत भी हो गई थी. रिसर्च के अनुसार, 5 से 30 प्रतिशत कोविड मरीजों में न्यूरोलॉजिकल कॉम्पलिकेशन पाए जा रहे हैं.

फ़िलहाल सामने आए कुछ मामलों के बाद ओर सामने आ रहे इन न्यूरोइफ़ेक्ट ने चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में बहुत हद तक बचाव रखे ख़ुद को बहुत हद तक संक्रमण से बचाए क्यूंकि कोरोना ठीक होने के बाद भी ऐसे कई कोमपलिकेशन छोड़ रहा है.

ये भी पढ़ें: Hanuman Beniwal से ज्यादा नुकसान किसे, BJP को या Congress को ?