राजस्थान: रोक के बावजूद बजरी का अवैध खनन जारी, प्रशासन बेखबर

आहोर उपखण्ड की बात करें तो आहोर उपखण्ड क्षेत्र से गुजरने वाली जवाई नदी बजरी माफियाओं की पसंदीदा जगह बनी हुई है.

राजस्थान: रोक के बावजूद बजरी का अवैध खनन जारी, प्रशासन बेखबर
बजरी माफिया जुर्माना भरकर भी अपना काला कारोबार जारी रखे हुए हैं.

बबलू मीना/जालोर: सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद बजरी का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है. बजरी का यह काला कारोबार जालोर जिले के आहोर उपखण्ड क्षेत्र में कितना फलता फूलता जा रहा है इसका अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता हैं कि बीते एक सप्ताह में आहोर उपखण्ड में पुलिसिया कार्रवाई में ही 32 से ज्यादा ट्रेक्टर-ट्रोली को अवैध बजरी परिवहन करते पकड़ा गया हैं.

आहोर थाना पुलिस, भाद्राजून थाना पुलिस और नोसरा थाना पुलिस के साथ साथ उम्मेदपुर चौकी पुलिस भी इन बजरी माफियाओं पर लगातार कार्रवाई कर रही है. पर बजरी माफियाओं में इन कार्रवाईयों का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है. प्रतिदिन ट्रेक्टर-ट्रॉलियां जब्त करने के बावजूद ये बजरी माफिया जुर्माना भरकर भी अपना काला कारोबार जारी रखे हुए हैं.

आहोर उपखण्ड की बात करें तो आहोर उपखण्ड क्षेत्र से गुजरने वाली जवाई नदी बजरी माफियाओं की पसंदीदा जगह बनी हुई है. जिसमें आहोर, सनवाड़ा, भैंसवाड़ा, गोदन, सांकरणा, कनिवाड़ा, ऊण, भागली पुरोहितान, छिपरवाड़ा, बुड़तरा, थांवला, हरजी, पचानवा, मालपुरा, बेदाना, सेदरिया बालोतान, पावटा, रासियावास, पलासिया, अगवरी, गुड़ा-बालोतान, दयालपुरा, मादड़ी, नोसरा, निम्बला, वेडिया, भोरड़ा, रामा, भूति, कंवला, कवराडा सहित करीब तीन दर्जन से ज्यादा गांवों में अवैध बजरी का ये गोरखधंधा लगातार जारी हैं.

हालांकि पुलिस समय समय पर इन बजरी माफियाओं पर शिकंजा कसती रहती हैं, पर खनन विभाग द्वारा किसी प्रकार की कोई मोनिटरिंग नही होने के चलते ये बजरी तस्करी अपनी तिजोरी भरने में लगे हुए हैं. या यूं कहें कि खनन विभाग की मिली भगत के चलते बजरी का ये काला कारोबार दिन ब दिन फलता फूलता जा रहा है.