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राजस्थान: गुर्जर आरक्षण पर बैठक के दौरान मंत्री से भीड़े नेता, बातचीत हुई बेनतीजा

बैठक के दौरान भीड़ देख वार्ता करने के लिए मौजूद मंत्री जी भड़क उठे. जिस कारण वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही.

राजस्थान: गुर्जर आरक्षण पर बैठक के दौरान मंत्री से भीड़े नेता, बातचीत हुई बेनतीजा
आज तो कर्नल बैंसला पूरे गुर्जर समाज को ही मीटिंग में ले आए. (फाइल फोटो-ANI)

जयपुर: राजस्थान में गुर्जर आरक्षण को लेकर एक बार फिर घमासान मचा हुआ है. इसी घमासान को खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार ने गुर्जरों से वार्ता की, लेकिन ये वार्ता पूरी तरह से बेनतीजा रही. लेकिन इस बार वार्ता बेनतीजा होने का कारण मुद्दे नहीं, बल्कि भीड़ रही.

दरअसल सरकार ने बुलाया तो 5 गुर्जर नेताओं को था, लेकिन मीटिंग में तो पूरी भीड़ जमा हो गई, जिससे मंत्रीजी भी उखड़ गए और गुर्जरों को नसीहत दे डाली कि अगली बार मीटिंग में आए तो भीड़ ना लाए. इसलिए ये वार्ता पूरी तरह से फेल रही.

कांग्रेस सरकार से नौकरियों में आरक्षण के मसले को सुलझाने के लिए आए बीजेपी नेता और गुर्जर आरक्षण समिति के मुखिया कर्नल किरोडी सिंह बैसला ने तो आज गजब ही कर दिया. आज तो कर्नल बैंसला पूरे गुर्जर समाज को ही मीटिंग में ले आए. इसलिए ना तो कोई वार्ता सरकार के साथ हुई और ना ही किसी बात की चर्चा अफसर कर पाए.

हां इतना जरूर है कि जब मंत्री जी ने गुर्जरों को भीड़ ना लाने की नसीहत दी तो कर्नल बैंसला के बेटे विजय बैंसला ने भी साफ कर दिया कि भीड़ तो आएगी. इस तरह से मीटिंग में मुद्दा भटक गया और भीड़ आगे रही.

हालांकि मीटिंग में ऐसा नहीं कि भीड़ को लेकर हुई. जिन मसलों पर चर्चा हुई उसको लेकर फैसले भी लिए गए. गुर्जर आरक्षण से जुडे अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर ये है कि ओबीसी और एमबीसी दोनों का सर्टिफिकेट मान्य रहेगा. ओबीसी का सर्टिफिकेट इसलिए मान्य रहेगा क्योकि पहले गुर्जर समाज ओबीसी में थी. इसके लिए डीओपी आदेश जारी करेगा. लेकिन प्रक्रियाधीन और बैकलॉग की 32 भर्तियों की भर्तियों को लेकर गुर्जर समाज नाखुश नजर आए.

गुर्जर नेताओं का कहना था कि प्रदेश सरकार इस मीटिंग में पूरी तैयारी के साथ नहीं आई. उनका कहना था कि प्रक्रियाधीन भर्तियों को लेकर सरकार रिजल्ट जारी करेगी, लेकिन बैकलॉग की भर्तियों को लेकर कोई स्पष्ट नहीं किया गया. क्योंकि ये सभी भर्ती कोर्ट में अटकी हुई है. 

हालांकि इन मीटिंग में कोई नतीजा तो नहीं निकला,लेकिन सरकार ने भी ये साफ कर दिया कि 5 फीसदी आरक्षण गुर्जर समाज को नौकरियों में जरूर मिलेगा. अब 4—5 दिन में फिर से सरकार से वार्ता होगी, लेकिन अंतिम फैसला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही करेंगे.

सबसे बडी बात ये है कि सरकार से वार्ता के लिए पहली बार मीटिंग में पहुंची गुर्जर आंदोलन में मारे गई विधवाओं को बोलने ही नहीं दिया,उ नकी मांग थी कि परिवार में आश्रितो को नौकरी दी जाए. लेकिन उनका तो मीटिंग में नंबर ही नहीं आया.