नागौर में चल रहा फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का खेल, विदेश जाने की दी जा रही अनुमति

यहां बिना कोविड जांच के ही बांगड़ अस्पताल के नाम से फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर विदेश जाने वाले लोगों को दिए जाने का मामला सामने आया है.

नागौर में चल रहा फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का खेल, विदेश जाने की दी जा रही अनुमति
यह मामला डीडवाना से सामने आया है.

हनुमान तंवर/नागौर: दुनियाभर में फैल रहे कोरोना (Corona) संक्रमण के कारण विदेशों से आवाजाही करने वाले यात्रियों को कोविड जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही विदेश जाने की परमिशन दी जाती है. लेकिन डीडवाना से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है.

यहां बिना कोरोना जांच के ही बांगड़ अस्पताल के नाम से फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर विदेश जाने वाले लोगों को दिए जाने का मामला सामने आया है. हालांकि, लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले रैकेट का अभी खुलासा नहीं हो पाया है. दरअसल, चिकित्सा विभाग के एक ग्रामीण क्षेत्र के कर्मचारी के हाथ यह सर्टिफिकेट आया तो उसने इसकी जानकारी बांगड़ अस्पताल के पीएमओ को दी.

इसके बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में एक जांच कमेटी का गठन किया गया है. लेकिन कमेटी के लिए यह भी चुनौती बन गई है कि आखिर इस मामले की तह कहां है. शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि इस फर्जी जांच रिपोर्ट के 2700 रुपए वसूले जा रहे थे और बिना किसी जांच के ही फर्जी सर्टिफिकेट बांगड़ अस्पताल के नाम से जारी किए जा रहे थे.

बड़ा मुद्दा यह है कि इस प्रकरण के पीछे कौन है और अब तक कितने लोगों को यह फर्जी सर्टिफिकेट देकर विदेश भेज चुका है. सूत्रों की मानें तो, अस्पताल प्रशासन को यह भी शक है कि इसके तार कहीं न कहीं बांगड़ अस्पताल से भी जुड़े हुए हैं. अब देखने वाली बात यह होगी कि कमेटी की जांच के नतीजे क्या रहते हैं.