भीलवाड़ा: महंत शिवदास महाराज की हत्या के बाद संत समाज में रोष, पूजा-पाठ छोड़ उतरे सड़क पर

भीलवाड़ा के बदनोर थाना क्षेत्र में परा के बालाजी मंदिर के महंत शिवदास महाराज की हत्या के 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है.

भीलवाड़ा: महंत शिवदास महाराज की हत्या के बाद संत समाज में रोष, पूजा-पाठ छोड़ उतरे सड़क पर
फाइल फोटो

भीलवाड़ा: जिले के बदनोर थाना क्षेत्र में परा के बालाजी मंदिर के महंत शिवदास महाराज की हत्या के 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है. पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने के चलते संत समाज में रोष पनपने लगा है. मंगलवार को आक्रोशित संतों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिला कलेक्टरी पर प्रदर्शन किया.

संतों ने अपनी मांगों के संदर्भ में श्रीविरक्त मेवाड़ संत संगठन सेवा संस्थान के बेनर तले कलेक्टर-एसपी को ज्ञापन दिया. ट्रांसपोर्ट नगर संकट मोचक हनुमान मंदिर के महंत रामदास महाराज ने कहा कि बदनौर थाने के परा बालाजी मंदिर के महंत शिवदास महाराज की 13 दिसंबर को अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी. 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया है. इससे क्षेत्रीय जनता एवं मेवाड़ के संत समाज में आक्रोश है. इस घटना से संत समाज दु:खी और पीड़ित है. 

पुलिस की ढीली कार्यवाही के चलते भजन-कीर्तन छोड़कर संतों को सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़ा है. उन्होंने कहा कि इसके बाद भी प्रशासन नहीं चेतता है और संत समाज की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जाती है तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे.

हरीसेवा धाम के मायाराम ने कहा कि महंत के हत्यारों की 11 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होना शर्म की बात है. मंगलवार को मेवाड़ मंडल के संत और महंत प्रशासन से हत्यारों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग के लिए इकट्ठा हुए हैं. जल्द हत्यारों को पकड़ा जाये और उन्हें सजा दी जाये. 

इससे पूर्व मंगलवार को सभी संत और महंत सिंधूनगर में एकत्रित हुये, जहां उन्होंने चर्चा कर संतों की सुरक्षा और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करने की मांग का निर्णय लिया. ज्ञापन में संतों ने जमीन से लेकर शरीर तक की सुरक्षा करने की पुलिस-प्रशासन से मांग की है. संतों ने ज्ञापन में अपने स्थानों, वहां होने वाले अतिक्रमण, संतों से अभद्रता, मारपीट और हत्या जैसे अपराधों की रोकथाम की मांग की. प्रदर्शन करने वालों में संत रामदास रामायण, मायाराम, दिलीपदास त्यागी, मंगलदास, गोपालदास, प्रहलाद दास, सीताराम, शुभरामदास, गोविंददास, संतरामदास, मदनमोहनदास, रामकिशनदास आदि संतगण मौजूद थे.