ठंड के मौसम में दिल के मरीज ऐसे रखें अपना ख्याल, नहीं तो हो सकता हार्ट फेल्योर!

डॉक्टरों का कहना है कि जो मरीज लंबे समय से दिल की बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर का खतरा सबसे अधिक होता है.

ठंड के मौसम में दिल के मरीज ऐसे रखें अपना ख्याल, नहीं तो हो सकता हार्ट फेल्योर!
दिल के रोगों से जुड़े डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट के मरीजों को सर्दी के मौसम में अपनी दिनचर्या में भी बदलाव करना चाहिए.

जयपुर: कोरोना संक्रमण के बीच राजस्थान (Rajasthan) में तेज सर्दी का दौर शुरू हो चुका है और अब राज्य में दिल से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं. 

बदलते मौसम और सर्दियों में आलस के चलते लोग अपनी सेहत पर ध्यान नहीं देते हैं. लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि अन्य मौसम के मुकाबले सर्दियों के मौसम में दिल के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती है. इस दौरान ऐसे मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है, जो दिल की बीमारियों से पीड़ित हैं.

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देश में कोरोना अपने चरम पर है. इसे कोरोना की दूसरी लहर कहें या मौसम में बदलाव और इंसानी लापरवाही लेकिन सच यही है कि दिल्ली से लेकर राजस्थान तक कोरोना संक्रमण तेजी से एक बार फिर फ़ैल चुका है. इन सबके बीच उन लोगों को अपने विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, जिनको दिल से जुड़ी समस्या है. 

डॉक्टरों का कहना है कि जो मरीज लंबे समय से दिल की बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर का खतरा सबसे अधिक होता है. चिकित्सकों का कहना है कि दिल के जो मरीज हैं, उन्हें समय-समय पर इस सर्द मौसम में अपनी जांच करवाते रहना चाहिए क्योंकि इस मौसम में शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा पूर्ण रूप से बनी नहीं रह पाती है. ऐसे में ह्रदय तक पूर्ण ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है, जिससे हार्ट फैलियर का खतरा बना रहता है.

भारत सरकार के जयपुर स्थित ईएसआई अस्पताल के कार्डिक विशेषज्ञ डॉ. गौरव सिंघल का कहना है कि अन्य मौसम के मुकाबले सर्दियों के मौसम में दिल के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है क्योंकि सर्दियों के मौसम में दिल की धमनियां सिकुड़ने का खतरा रहता है. दिल की नसें नर्वस सिस्टम से जुड़ी रहती हैं तो ऐसे में कई बार ठंड के कारण ब्लॉकेज का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में चिकित्सकों का कहना है कि सर्दियों के सीजन में दिल की बीमारी के मरीजों को सबसे अधिक ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है.

दिनचर्या में करें बदलाव 
दिल के रोगों से जुड़े डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट के मरीजों को सर्दी के मौसम में अपनी दिनचर्या में भी बदलाव करना चाहिए. उन्हें खासकर पानी कम मात्रा में पीना चाहिए. ठंड के मौसम में ऐसे मरीजों को कम से कम घर से बाहर निकलना चाहिए. यदि ऐसे मरीजों को डायबिटीज की भी समस्या है तो समय-समय पर अपने ब्लड शुगर की जांच हुई करवाते रहना चाहिए. दिल की बीमारियों से जुड़े मरीजों की दवाइयां लंबे समय तक चलती है तो ऐसे में चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार समय-समय पर दवाइयां लेते रहना चाहिए.

चिकित्सकों का कहना है कि दिल से संबंधी बीमारियों में आमतौर पर पहले लक्षण दिखाई देते हैं और यदि सर्दियों के मौसम में चेस्ट में भारीपन महसूस हो तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए. कई बार हार्ट में ब्लॉकेज होने के चलते चेस्ट में भारीपन महसूस होता है और आमतौर पर सर्दियों के मौसम में ब्लॉकेज के मामले सबसे अधिक देखने को मिलते हैं.