राजस्थान: 78 लाख पेंशनर्स के लिए जरूरी खबर, सत्यापन नहीं तो रुक जाएगी पेंशन

राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ लेने वाले पेंशनधारियों के लिए नई प्रक्रिया लागू कर दी गई है. 

राजस्थान: 78 लाख पेंशनर्स के लिए जरूरी खबर, सत्यापन नहीं तो रुक जाएगी पेंशन
फाइल फोटो

आशीष चौहान, जयपुर: राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ लेने वाले पेंशनधारियों के लिए नई प्रक्रिया लागू कर दी गई है. अब पेंशनधारियों को हर साल 31 दिसंबर तक भौतिक सत्यापन करवाना होगा. यदि पेंशनर की पेंशन पहली बार इस अवधि से तीन महीने के भीतर स्वीकृति की गई है तो उसका वार्षिक भौतिक सत्यापन अगले साल दिसंबर तक जरूरी करवाना होगा. सामाजिक न्याय विभाग के प्रमुख सचिव अखिल अरोरा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. इसके साथ तमाम जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि पेंशनर्स को इसकी जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए प्रचार प्रसार किया जाए ताकि पेंशनधारी समय से अपना सत्यापन करवा सके और उनकी पेंशन समय से खाते में आ सके. राजस्थान में 78 लाख से ज्यादा पेंशनधारी हैं, जो सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े हैं.

ईमित्र पर करवा सकते हैं सत्यापन:
पेंशनधारियों द्वारा अपने वार्षिक भौतिक सत्यापन के लिए ईमित्र या राजीव गांधी सेवा केंद्र पर जा सकते हैं. वहां बॉयोमैट्रिक सत्यापन के जरिए अपना भौतिक सत्यापन करवा सकते हैं. बुजुर्ग पेंशनधारी या दिव्यांग पेंशनधारी को अंगुली की छाप से सत्यापन होने में कोई कठिनाई आने पर पेंशनर्स को आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वन टाइम वासवर्ड के जरिए भौतिक सत्यापन किया जा सकेगा.

बॉयोमैट्रिक सिस्टम फेल होता है तो ये करें:
यदि इन दोनों ही तरीकों से भी पेंशनधारी का सत्यापन नहीं होता है तो ईमित्र धारक द्वारा उस पेंशनर की फोटो और अप्रमाणित डेटा एसडीएम को भिजवाया जायेगा. ऐसे मामलों में पेंशनर को खुद एसडीएम के सामने पेश होना पड़ेगा. इसके बाद ही उस पेंशनधारी की सत्यापन की कार्रवाई पूरी हो पाएगी. भौतिक सत्यापन का कार्य हर साल नवंबर और दिसंबर महीने में किया जाएगा. यदि इस अवधि के बीच किसी पेंशनर्स द्वारा आधार से जुड़ी किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ बॉयोमैट्रिक या वन टाइम पासवर्ड के माध्यम से लिया गया है तो ऐसे पेंशनधारियों को अलग से सत्यापन करवाने की जरूरत नहीं होगी.

एसडीएम और बीडीओ की होगी जिम्मेदारी:
अगर पेंशनर निर्धारित अवधी में वार्षिक भौतिक सत्यापन नहीं करवा पाए हो तो स्वीकृतकर्ता अधिकारी का दायित्व होगा कि उनका एक महीने के अंदर सत्यापन करवाया जाए.

पेंशन रूकी तो अफसरों पर होगी कार्रवाई:
यदि पेंशनधारी दिसंबर तक अपना सत्यापन नहीं करवाते हैं तो उनकी पेंशन रोक दी जाएगी. यह क्षेत्रीय भौतिक सत्यापन अधिकारियों का दायित्व होगा कि वे निर्धारित अवधि में सभी पेंशनर्स को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, वार्षिक भौतिक सत्यापन करवाए. यदि किसी पेंशनधारी की पेंशन सत्यापन के कारण रूकती है तो सत्यापनकर्ता अधिकारी उत्तरदायी होगा और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.