विधानसभा के विशेष सत्र के आखिरी दिन सदन में गूंजे जय श्रीराम के नारे, विपक्ष ने उठाए सवाल

सदन में नारेबाजी को लेकर कांग्रेस (Congress) और बीजेपी (BJP) के नेता भी अब आमने-सामने होते दिख रहे हैं. कांग्रेस ने साफ कहा है कि वह किसी भी तरह के नारे के विरोध में नहीं लेकिन कोई नारा उन्माद फैलाने के लिए तो कतई नहीं होना चाहिए. 

विधानसभा के विशेष सत्र के आखिरी दिन सदन में गूंजे जय श्रीराम के नारे, विपक्ष ने उठाए सवाल
सदन में नारेबाजी को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के नेता भी अब आमने-सामने होते दिख रहे हैं.

राजस्थान: विधानसभा के विशेष सत्र (Special Session) के आखिरी दिन सदन में जय श्रीराम के नारे गूंजे. सदन में जय श्री राम के नारों के बाद सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह नारे किस भावना से लगाए गए?

सदन में नारेबाजी को लेकर कांग्रेस (Congress) और बीजेपी (BJP) के नेता भी अब आमने-सामने होते दिख रहे हैं. कांग्रेस ने साफ कहा है कि वह किसी भी तरह के नारे के विरोध में नहीं लेकिन कोई नारा उन्माद फैलाने के लिए तो कतई नहीं होना चाहिए. इस बार विधानसभा में सिर्फ और सिर्फ संविधान पर बहस का एजेंडा रखा गया. दो दिन तक सदन चला और बहस भी हुई लेकिन सद के आखिरी दिन लगे नारे यह सवाल छोड़ गए कि लोकतंत्र में नारों का दायरा क्या हो? यह सवाल सत्ताधारी पार्टी की तरफ़ से भी उठाए गए.

कांग्रेस ने यह सवाल इसलिए भी उठाये क्योंकि सदन में राम मंदिर का मसला आया तो फ़ैसले पर क्रेडिट की बात आई. इस दौरान बीजेपी के विधायकों ने जयश्री राम के नारे लगाए तो कांग्रेस ने उन्माद से बचने की बात की. बीजेपी के विधायक अशोक लाहोटी ने तो यहां तक कह दिया कि उनकी पार्टी के लोगों ने जयश्रीराम के नारे भी लगाए और वे अयोध्या में मंदिर भी बनवाएंगे. लाहोटी ने कहा कि अगर कांग्रेस राम विरोधी है तो इस बात को लेकर सामने भी आए. 
उधर किसी भी तरह के नारेबाजी के मुद्दे पर माकपा ने सवाल उठाए. सीपीएम विधायक दल के नेता बलवान पूनियां ने कहा कि धर्म, जाति और नारे, पूरी तरह व्यक्तिगत मामला है. पूनिया ने कहा कि आप किस धर्म और महापुरूष को मानते हो उस मामले को सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह अलग रखना चाहिए.

बीजेपी के अशोक लाहोटी ने तो नारों के साथ ही मंदिर के मुद्दे पर भी आ गए. लेकिन सदन में सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने अयोध्या मामले पर फ़ैसले का क्रेडिट नारों और किसी पार्टी की बजाय न्यायपालिका को दिया. उधर बीजेपी के इस तरह के बयानों पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी कहते हैं कि कांग्रेस को किसी धर्म के नारों से परहेज नहीं है लेकिन नारे के पीछ भावना भी देखी जानी चाहिए. धार्मिक भावना ज़ाहिर करने के लिए नारे लगाए जा सकते हैं लेकिन किसी तरह का उन्माद फैलाने के लिए नारे नहीं लगाए जाएं.