जयपुर: एम्बुलेंस ने ली अस्पताल आए परिजन की जान, परिसर में हुआ हादसा

पूरे घटनाक्रम में एम्बुलेंस चालक की लापरवाही की अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई 

जयपुर: एम्बुलेंस ने ली अस्पताल आए परिजन की जान, परिसर में हुआ हादसा
मृतक अपने बहू का ईलाज कराने जयपुर आया था

आशुतोष शर्मा/जयपुर: राजधानी जयपुर में जीवन बचाने वाली एंबुलेंस ही 62 वर्षीय राशिद के लिए मौत का कारण बन गई. चांदपोल जनाना अस्पताल परिसर के अन्दर एक 108 एम्बुलेंस के चालक ने तेज गति के साथ लापरवाही से गाडी दौड़ाई, जिससे गाडी की चपेट  में 62 वर्षीय राशिद ना का शख्स आ गया और हादसे में उसकी मौत हो गई. घटना के चलते अस्पताल में पूरे दिनभर हड़कम्प मच गया. 

राजधानी जयपुर के चांदपोल क्षेत्र में स्थित इस अस्पताल है जहां राजधानी जयपुर ही नहीं पूरे प्रदेश भर से आए लोगों को यहां उनके बच्चे के रूप में नई जिंदगी मिलती है. सवाई माधोपुर निवासी 62 साल का मोहम्मद राशिद भी कुछ ऐसी ही खुशी की उम्मीद लेकर कल देर रात अस्पताल आया था. राशिद के छोटे बेटे की पत्नी की डिलीवरी होने वाली थी. लेकिन इससे पहले ही इस परिवार पर "जीवनदायनी" एंबुलेंस काल बनकर टूटी.

अस्पताल परिसर में ही रशीद को एंबुलेंस ने काल का ग्रास बना दिया. एंबुलेंस ने रशीद को कुचला और फिर उसका चालक घायल रशीद को एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेन्टर में छोड़कर फरार हो गया. इस दौरान पूरे अस्पताल परिसर में अफरा तफरी का माहौल बन गया. हालांकि माना जा रहा था कि रशीद को बचा लिया जाएगा, लेकिन एसएमएस में उपचार के दौरान रशीद का दम टूट गया. वहीं पूरे घटनाक्रम में एम्बुलेंस चालक की लापरवाही की पोल अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है. 

घटनाक्रम ने एक तरफ जहां एम्बुलेंस चालक की लापरवाही जगजाहिर कर दी. वहीं दूसरी ओर जनाना अस्पताल का प्रबन्धन व सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी. आश्चर्य की बात ये रही कि अस्पताल प्रबन्धन घटनाक्रम को दबाने में इस तरह लगा रहा कि पुलिस को भी सूचना नहीं दी गई. दोपहर तक अस्पताल प्रशासन को यह तक खबर नहीं थी कि रशीद की मौत हो चुकी है.

राजधानी में डिलीवरी के लिए सबसे व्यस्ततम जनाना अस्पताल की घटना ने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए. साथ ही कई बड़े सवाल भी खड़े कर दिए. सबसे बड़ा सवाल ये कि अस्पताल में हर समय काफी तादात में लोग मौजूद रहते है. ऐसे में कई लोग भी इस लापरवाही की भेंट चढ़ सकते थे. घटना काफी चिंताजनक है और उम्मीद ये ही कि जा रही है कि अस्पताल प्रबन्धन इस घटना से सीख लेगा और ऐसे इंतजाम किए जाएंगे कि जिससे आगे से ऐसी लापरवाही की भेंट कोई आमजन न चढ़े.