जयपुर: कड़ाके की सर्दी से बढ़ी रैनबसेरों में भीड़, लोग खुले आसमान में सोने को मजबूर

सभी रैन बसेरों में लोगों को बिना आईडी कार्ड के एट्री नहीं दी जाती, ऐसे में कई लोग खुले आसमा के नीचे सोने को मजबूर हैं. 

जयपुर: कड़ाके की सर्दी से बढ़ी रैनबसेरों में भीड़, लोग खुले आसमान में सोने को मजबूर
सर्दी में भी लोग खुले आसमा के नीचे सोने को मजबूर हैं.

जयपुर: राजस्थान में हड्डिया कपकपा देने वाली कड़ाके की ठण्ड का सितम जारी है. राजधानी जयपुर की बात करें तो रात में तापमान में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. 2.5 डिग्री तक ताममान में गिरावट दर्ज की जा चुकी हैं. ऐसे में आप खुंद अंदाजा लगा सकते हैं की रात के खुले आसमा के नीचे रात बिताना कैसा होगा. हालांकि, सरकार की और से रैन बसेरे बनाए तो गए हैं, लेकिन इन रैन बसेरों की बात की जाए तो चुनिंदा स्थानों पर ही देखने को मिलते हैं.

सभी रैन बसेरों में लोगों को बिना आईडी कार्ड के एट्री नहीं दी जाती. ऐसे में कई लोग खुले आसमा के नीचे सोने को मजबूर हैं. राजधानी जयपुर की बात की जाए तो जयपुर नगर निगम की और से कई स्थानों पर रैन बसेरे बनाए गए हैं. वहीं, पिछले सालों की अपेक्षा इस बार हालात में बेहतर देखने को मिल रहे हैं.

साथ ही, जयपुर नगर निगम की ओर से इनके अलावा अस्थाई रैन बसेरे भी बनाए गए हैं. 16 से ज्यादा स्थानों पर अस्थाई रैन बसेरे बनाए गए हैं. जिनमें जयपुर रेलवे स्टेशन, अलबर्ट हाल, एसएमएस अस्पताल, जेके लॉन हास्पिटल, दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन, गांधीनगर स्टेशन, सांगानेर , मानसरोवर, विद्याघर नगर सहित कई स्थानों पर लगाए गए हैं. लेकिन इन रैन बसेरों में फिर भी लोग नहीं सोते हैं क्योंकि यहां पर महिलाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है.

किसी रैनबसेरे में शौचालय की दिक्कत है तो कहीं, भीड़ इतनी ज्यादा है कि सोने को जगह ही नहीं है. हालांकि, खाने पीने के व्यवस्था की बात करें तो ये सुविधाएं काफी बेहतर देखने को मिलती हैं. जी राजस्थान की टीम जब शहर की सड़कों पर निकली तो कई स्थानों पर लोग अलाब जलाकर हाथ तापते दिखे. ये वो लोग हैं जो राजधानी के बाहरी क्षेत्रों से मजदूरी करने के लिए आते हैं. अब देखना ये है कि प्रशासन इन गरीबों को सर्दी से बचाने के लिए क्या उपाय करती है. 

गौरतलब है कि, सर्दी इस साल अपने सभी रिकॉर्ड तोड़ने के मूड में नजर आ रही है. बीती रात जयपुर में सर्दी ने दिसम्बर का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 1.4 डिग्री पर रात का तापमान पहुंचा. इससे पहले साल 1984 में जयपुर में सबसे कम 3.4 डिग्री पर रात का तापमान पहुंचा था. साथ ही, माउंटआबू में रात का तापमान माइनस 3 डिग्री. फतेहपुर में रात का तापमान माइनस 4 डिग्री तक पहुंच चुका है. ऐसे में कड़ाके की सर्दी ने लोगों को अब बेहाल करना शुरू कर दिया है.