नागालैंड में दर्ज साइबर क्राइम, क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी, जयपुर, जोधपुर में छापेमारी
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नागालैंड में दर्ज साइबर क्राइम, क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी, जयपुर, जोधपुर में छापेमारी

Jaipur : ठगों ने टोकन बेस्ड एचपीजेड एप पर लोगों के अकाउंट बनवाए और उन्हें बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरंसी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमा कर देने का झांसा दिया गया

 

नागालैंड में दर्ज साइबर क्राइम, क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी, जयपुर, जोधपुर में छापेमारी

Jaipur : प्रवर्तन निदेशालय ने विभिन्न तरह की क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने के मामले में कार्रवाई करते हुए जयपुर, जोधपुर समेत कई शहरों में छापेमारी का दायरा बढ़ाया है. शुक्रवार से चल रहे एक्शन में ईडी ने विभिन्न बैंक खातों में जमा 46.67 करोड़ रुपए की राशि को फ्रिज किया है.

ईडी मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक नागालैंड के कोहिमा साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज पर छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया था.  प्रकरण में ईडी ने जयपुर, जोधपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली, गुडगांव, मुंबई, पुणे, चेन्नई, गाजियाबाद, लखनऊ और गया में छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया. ईडी की तमाम छापेमारी एप बेस्ड टोकन एचपीजेड और संबंधित कंपनी पर की है.

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ठगों ने टोकन बेस्ड एचपीजेड एप पर लोगों के अकाउंट बनवाए और उन्हें बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरंसी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमा कर देने का झांसा दिया गया. लोगों को टोकन के रूप में निवेश कर दोगुना मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया और शुरुआत में कुछ निवेशकों को यूपीआई और अन्य माध्यमों से कुछ राशि का भुगतान भी किया गया.

लोगों से मोटी राशि निवेश कराने के बाद ठगों ने अन्य व्यक्तियों और कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर उसे निकाल लिया और यूजर को भुगतान करना बंद कर दिया. कुछ समय बाद वेबसाइट और एप ने भी काम करना बंद कर दिया. जब इस पूरे मामले की जांच की गई, तो पता चला कि एचपीजेड टोकन चीनी नियंत्रित कंपनियों मैसर्स लिलियन टेक्नो कैब प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स शिगू टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड संचालित करती है.

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जांच में ये भी सामने आया कि विभिन्न एप, वेबसाइट, गेमिंग, लोन और अन्य चीजों के संचालन के बहाने जनता से राशि ठगने में और भी कई कंपनियों का सहयोग रहा है. लोन एप के जरिए भी लोगों के साथ ठगी करने वाली कई कंपनियों के नाम जांच में सामने आए. जिस पर ईडी ने कार्रवाई करते हुए विभिन्न कंपनियों के कार्यालयों में कई शहरों में छापेमारी कर 46.67 करोड़ की राशि को फ्रीज किया है. छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं. फिलहाल इस पूरे प्रकरण में ईडी की जांच जारी है.

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