जयपुर: चिकित्सकों को अब गवाही के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे अदालतों चक्कर
Advertisement
trendingNow1/india/rajasthan/rajasthan1232228

जयपुर: चिकित्सकों को अब गवाही के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे अदालतों चक्कर

 जयपुर के एसएमएस मेडिकल अस्पताल और इससे जुडे़ शहर के अन्य राजकीय अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों को, अब मुकदमों में अपनी गवाही देने के लिए अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.  एसएमएस अस्पताल परिसर में शुक्रवार से वीसी रिमोट पॉइंट का शुभारंभ हो गया हैं, सीजे एसएस शिंदे ने ई-उद्घाटन

वीसी रिमोट पॉइंट का शुभारंभ करते सीजे एसएस शिंदे

Jaipur: जयपुर के एसएमएस मेडिकल अस्पताल और इससे जुडे़ शहर के अन्य राजकीय अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों को, अब मुकदमों में अपनी गवाही देने के लिए अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.  एसएमएस अस्पताल परिसर में शुक्रवार से वीसी रिमोट पॉइंट का शुभारंभ हो गया हैं, सीजे एसएस शिंदे ने ई-उद्घाटन कर इसकी विधिवत शुरुआत की. सीजे एसएस शिंदे ने कहा कि कोविड के बाद से न्यायिक कार्य प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है. प्रदेश के लगभग सभी अधीनस्थ अदालतों में वीसी के लिए संसाधन मुहैया कराए जा चुके हैं और स्टाफ को प्रशिक्षित भी किया जा चुका हैं. सीजे ने वीसी से जुडे़ सभी न्यायाधीशों को मामले और गवाह की परिस्थितियों को देखते हुए, वीसी रूल्स के तहत अधिक से अधिक गवाहों के बयान वीसी के जरिए लेने के निर्देश भी दिए.

कार्यक्रम के दौरान एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी ने बताया कि एसएमएस अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 14 हजार मरीज आते हैं. इस दौरान चिकित्सकों को विभिन्न प्रकरणों में अपने बयान दर्ज कराने के लिए निचली अदालतों में जाने से मरीजों का इलाज प्रभावित होता है. अब वीसी रिमोट पॉइंट की स्थापना होने से न सिर्फ चिकित्सकों का समय बचेगा, बल्कि इस समय का सदुपयोग कर मरीजों का इलाज किया जा सकेगा. इस मौके पर मुख्य पीठ जोधपुर से जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस दिनेश मेहता सहित सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी वीसी के जरिए शामिल हुए.

Reporter - Mahesh Pareek

यह भी पढ़ें- द्रौपदी मुर्मू के नामांकन के साथ BJP का राजस्थान में नया टार्गेट, पढ़ें पूरी खबर 

अपने जिले की खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

 

Trending news