जालोर में टिड्डियों के आतंक से किसान परेशान

जालोर के चितलवाना उपखंड के नेहड़ क्षेत्र में भीमगुड़ा, सुराचन्द, वेडिया, निम्बज, टांपी, सुजानपुरा समेत दर्जनों गांवों में 15 किलोमीटर के दायरे में टिड्डी दल का प्रकोप छा गया है.

जालोर में टिड्डियों के आतंक से किसान परेशान
टिड्डी दल का प्रकोप

बबलू मीणा/जालोर: जिले के चितलवाना उपखंड के नेहड़ क्षेत्र में भीमगुड़ा, सुराचन्द, वेडिया, निम्बज, टांपी, सुजानपुरा समेत दर्जनों गांवों में 15 किलोमीटर के दायरे में टिड्डी दल का प्रकोप छा गया है. टिड्डी पर नियंत्रण पाने के लिए जालोर से एक स्प्रे वाली गाड़ी पहुंची, लेकिन वो भी आधी-अधूरी तैयारी के साथ. टिड्डी पर नियंत्रण पाने के लिए टीम नेहड़ क्षेत्र में पहुंची, लेकिन स्प्रे शुरु करते ही मशीन में तकनीकी गड़बड़ी आ गई. गनीमत रही कि हवा का रुख बदल गया और टिड्डियों का दल गुजरात की तरफ चला गया, लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है क्योंकि अगर हवा का रुख वापस बदलता है तो टिड्डियाँ फिर नेहड़ में आ सकती हैं.

सिंचित नहरी इलाका सुराचन्द, भीमगुड़ा, निम्बज, सुजानपुरा, आरवा, वेडिया में बड़ी संख्या में आसमान में उड़ रहे ट्टिडी दल के डेरा डालने पर किसानों को भारी नुकसान का अंदेशा है. किसानों ने अपने खेतों में से आये टिड्डी दल को उड़ाने के लिए थाली व लोहे के डिब्बे बजाकर उड़ाने का प्रयास भी किया.

वहीं कृषि अधिकारियों द्वारा टिड्डी प्रकोप क्षेत्र का निरीक्षण किया गया. तहसीलदार नगाराम, बीडीओ जगदीश बिश्नोई, सहायक कृषि अधिकारी फूलाराम मेघवाल ने, राकेश मीणा, देवेंद्रसिंह भाटी की टीम ने नेहड़ क्षेत्र के भीमगुड़ा, सुराचन्द, खेजड़ियाली, खासरवी, उमरकोट सहित दर्जनों गांवों का दौरा किया. वहीं क्षेत्र के 3 पटवार मंडल जिसमें सुराचन्द पटवार मण्डल के 5000 हेक्टयर में से 900 हेक्टयर व सुन्थड़ी पटवार मंडल के 4600 हैक्टेयर में से 1200 व भीमगुड़ा पटवार मंडल में 5000 हैक्टेयर में से 800 हैक्टेयर फसल नष्ट होने का अनुमान है.

वहीं प्रभावित क्षेत्र सांचोर व चितलवना को जिला कलेक्टर ने टिड्डी प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है, जिससे किसानों को खराब हुई फसलों पर दवाई के लिए आधा मूल्य देना पड़ेगा. वहीं आधा मूल्य सरकार द्वारा सब्सिडी से दिया जायेगा.