झुंझुनूं: पांच दिवसीय गैलोप्स ऑफ इंडिया का हुआ समापन, 16 देशों ने लिया हिस्सा

इस आयोजन में हर कोई राजस्थानी रंग में रंगा हुआ नजर आया. विदेशी पुरुष जहां साफा और कुर्ता पायजामे में सजे-धजे नजर आए तो वहीं महिलाएं भी साड़ी में नजर आई

झुंझुनूं: पांच दिवसीय गैलोप्स ऑफ इंडिया का हुआ समापन, 16 देशों ने लिया हिस्सा
पांच दिन पहले झुंझुनूं के मंडावा से शुरू होने वाला गैलॉप्स शनिवार रात को मंडावा में ही संपन्न हो गया

जयपुर: झुंझुनूं के मंडावा में आयोजित हुए विश्व के तीसरे गैलॉप्स का समापन बीती रात को पूरे उत्साह के साथ हुआ. इस गैलॉप्टस ऑफ इंडिया में 16 देशों के 70 घुड़सवारों ने हिस्सा लिया. समापन कार्यक्रम में हर एक विदेशी राजस्थानी संस्कृति में रचा बसा नजर आया. कोई साफे में था, तो कुर्ते पायजामे में. विदेशी महिलाएं भी साड़ी और ओढनी में दिखी.

विश्वभर में पहचान बनाने वाले गैलॉप्स का तीसरा आयोजन राजस्थान के शेखावाटी में हुआ. पांच दिन पहले झुंझुनूं के मंडावा से शुरू होने वाला गैलॉप्स वापिस शुक्रवार की रात को मंडावा में ही संपन्न हो गया. इस आयोजन में कम पैनेल्टी वाली दो टीमों को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया गया. जिसमें चौपनदास तथा रॉयल कैवलरी ऑफ ओमान की टीम थी. वहीं तीसरे नंबर पर आयरलैंड की टीम रही. आयोजन संयोजक अंगदसिंह ने बताया कि पांच दिनों में विदेशियों ने लिविंग डेजर्ट में मारवाड़ी घोड़ों से 200 किलोमीटर का सफर तय किया. इस दौरान वह रंगबिरंगी राजस्थानी संस्कृति और यहां के जिंदादिल लोगों से भी रूबरू हुए.

इस आयोजन के समापन पर एक खास बात देखने को मिली कि हर कोई राजस्थानी रंग में रंगा हुआ नजर आया. विदेशी पुरुष जहां साफा और कुर्ता पायजामे में सजे-धजे नजर आए तो वहीं महिलाएं भी आड़ी तिरछी ही सही, लेकिन साड़ी में नजर आई. वहीं कुछ महिलाओं ने तो ओढनी भी ओढ़ा. जिससे एक बार अहसास हुआ कि पांच दिनों में ही राजस्थान की संस्कृति ने विदेशियों को इतना प्रभावित किया. वे इसी संस्कृति के हो गए.

अंगदसिंह ने बताया कि इस आयोजन के बाद ये हॉर्स राइडर अपने देश के लिए ब्रांड एंबेसडर हो गए और अब वे पूरे विश्व में मारवाड़ी घोड़ों की खासियत का प्रचार प्रसार करेंगे. आपको बता दें कि इस राइडिंग में शामिल 70 घुड़सवारों में 30 फीसदी से अधिक महिला राइडर्स शामिल थी. इनमें से एक थी मिस फ्रांस 2015 कैमी सेर्फ.

समापन कार्यक्रम में बतौर अतिथि मंडावा आए पर्यटन मंत्री विश्वेंद्रसिंह भी इस आयोजन को लेकर काफी प्रभावित हुए. उन्होंने कहा कि विश्व का तीसरा आयोजन राजस्थान में होना पूरे राज्य के लिए फक्र की बात है. उन्होंने कहा कि पर्यटकों को राजस्थान के लिए आकर्षित करने की आवश्यकता है, जिसमें गैलॉप्स जैसे आयोजन मील का पत्थर साबित होंगे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि आने वाले दो सालों में एक बार फिर पर्यटन के मामले में नंबर वन बनें. इस दिशा में ना केवल सरकार, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने वाले लोगों का सहयोग लिया जा रहा है.

मीठी यादों को लेकर गैलॉप्स ऑफ इंडिया का समापन तो हो गया. लेकिन विश्व के इस तीसरे आयोजन ने राजस्थान में पर्यटन को नई दिशा भी दी है. पांच दिनों तक शेखावाटी के धोरों पर मारवाड़ी घोड़ों के साथ ना केवल विदेशी राइडर्स ने घोड़ों की क्षमता को जाना है. बल्कि यहां की संस्कृति से भी प्रभावित हुए है. तभी उन्होंने समापन कार्यक्रम में अपनी संस्कृति को भूलकर राजस्थानी वेशभूषा में खुद को खुश महसूस किया.