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जोधपुर: भंवरी देवी हत्याकांड पर आज CBI की अर्जी पर होगी सुनवाई, यहां जाने क्या है पूरा मामला

भंवरी देवी, मलखान सिंह और महिपाल की नजरों में चढ़ चुकी थी. वक्त के साथ-साथ वह इन दोनों की करीबी हो गई. दोनों नेताओं से मिलने के बाद भंवरी को सत्ता की ताकत का अहसास हो चुका था.

जोधपुर: भंवरी देवी हत्याकांड पर आज CBI की अर्जी पर होगी सुनवाई, यहां जाने क्या है पूरा मामला
फाइल फोटो

जोधपुर: राजस्थान के बहुचर्चित भंवरी देवी हत्याकांड मामले में शुक्रवार यानी आज (25 जनवरी) एसएटी कोर्ट में सुनवाई होगी. इस दौरान सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए प्रार्थना पत्र पर कोर्ट का फैसला आएगा. सीबीआई की यह अर्जी गवाह अम्बर बी कार की गवाही से जुड़ी है. मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी. जिस पर कोर्ट द्वारा आज निर्णय लिया जा सकता है. 

विस्तार से भंवरी के बारे में जानिए....
नट जाति की भंवरी देवी जोधपुर जिले के बोरूंदा की रहने वाली थी. उसकी शादी हो चुकी थी. नर्स की नौकरी के साथ ही वह राजस्थानी लोक गीतों के कई एल्बम भी बनवा चुकी थी. राजस्थानी फिल्मों की हीरोइन बनने के लिए भटक रही भंवरी देवी अस्पताल से गायब रहने लगी. इसकी शिकायत होने पर उसे सस्पेंड कर दिया गया. नौकरी पर फिर से बहाल होने के लिए वह कांग्रेस के कद्दावर नेता रामसिंह विश्नोई के पुत्र मलखान से मिली. दोनों की दोस्ती परवान चढ़ने लगी. इन दोनों के रिश्तों से भंवरी ने एक बेटी को भी जन्म दिया. इस दौरान उसके मन में राजनीति में जाने का ख्वाब जाग उठा. उसने मलखान के अलावा दिग्गज कांग्रेस नेता परसराम मदेरणा के पुत्र महिपाल मदेरणा से भी दोस्ती कर ली.

भंवरी देवी, मलखान सिंह और महिपाल की नजरों में चढ़ चुकी थी. वक्त के साथ-साथ वह इन दोनों की करीबी हो गई. दोनों नेताओं से मिलने के बाद भंवरी को सत्ता की ताकत का अहसास हो चुका था. मलखान और मदेरणा की वजह से उसकी मुलाकात धीरे-धीरे बाकी नेताओं से भी हो गई. और फिर देखते ही देखते मामूली तनख्वाह पाने वाली भंवरी देवी की जिंदगी पूरी तरह बदल गई. उसने नया घर बनाया, नई कार खरीदी. बेटे-बेटी का दाखिला नामी स्कूलों में कराया. अब भंवरी पूरी तरह से सत्ता के इर्द-गिर्द थी. बगैर ड्यूटी पर जाए ही हर महीने तनख्वाह मिल रही थी. मदेरणा से उसके रिश्ते को लेकर बातें होने लगी थी.

कहा जाता है कि नेताओं से नजदीकी के कारण भंवरी ने एमएलए बनने के लिए टिकट की मांग करना शुरू कर दिया. उसकी इस मांग को महिपाल और मलखान ने ठुकरा दिया. सत्ता का सुख भोगने वाली भंवरी की ख्वाहिशें बेलगाम हो गईं थी. ऐसे में भंवरी ने इन दोनों नेताओं के साथ अपनी सेक्स सीडी बनवा ली. इस सीडी के दम पर भंवरी जब मंत्री महिपाल मदेरणा और विधायक मलखान को धमकाने लगी. इस पर दोनों ने उससे दूरी बनाना शुरू कर दिया. इन दोनों से लंबे अरसे तक नहीं मिलने से आहत भंवरी जयपुर पहुंच गई और कुछ भाजपा नेताओं से मुलाकात की. साथ ही भंवरी के पास सीडी होने की चर्चा मीडिया तक भी पहुंच गई. अचानक मंत्री महिपाल, विधायक मलखान सिंह और भंवरी देवी के बीच तमाम गिले-शिकवे दूर हो गए. तीनों में अब समझौता हो चुका था. इसके बाद फिर से तीनों के बीच बातचीत भी शुरू हो गई थी. कहते हैं कि मजबूर होकर मदेरणा ने भंवरी देवी को सीडी के बदले साठ लाख रुपए देने का वादा कर लिया था. इसकी पहली किस्त के रूप में वे दस लाख रुपए का भुगतान भी कर चुके थे.

महिपाल से पैसे मिलने के बाद भंवरी ने मलखान के साथ अपने रिश्तों से जन्मी बेटी को हक दिलाने के लिए विश्नोई समाज के सबसे बड़े खेजड़ली शहीदी मेले में जाने की घोषणा कर दी. उसकी योजना थी कि वहां जाकर वह समाज के सामने अपना पक्ष रख न्याय की मांग करेगी. पूरे मामले से वाकिफ मलखान की बहन इन्द्रा बीच में आ गई. इंद्रा ने भंवरी के अपहरण की साजिश रच उससे सीडी छीनने की योजना तैयार की. इस योजना में महिपाल और मलखान भी शामिल हो गई. भंवरी ने अगस्त 2011 में अपनी कार बेची थी. उसी का बकाया चार लाख रुपए देने के लिए एक सितंबर को सोहनलाल नामक व्यक्ति ने भंवरी को फोन कर अपने घर बुलाया.

सोहनलाल ने भंवरी का अपहरण कर उसे विशनाराम गैंग को सौंप दिया. विशनाराम की योजना भंवरी को टॉर्चर कर सीडी लेने की थी, लेकिन रास्ते में भंवरी ने विरोध करते हुए चिल्लाना शुरू कर दिया. ऐसे में उसे चुप कराने के प्रयास में विशनाराम ने भंवरी का गला दबा दिया, जोर से गला दबते ही उसका दम टूट गया. इसके बाद विशनाराम ने भंवरी के शव को जला कर उसकी राख को राजीव गांधी लिफ्ट नहर में बहा दिया. भंवरी उसी दिन पैसे लेने के लिए अपने घर से निकली और फिर कभी घर नहीं लौटी. कई दिनों तक भंवरी का कोई सुराग नहीं मिला. उसके पति अमरचंद ने अपनी बीवी की गुमशुदगी के लिए राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री महिपाल को जिम्मेदार ठहरा कर सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा दिया. प्रदेश में इस मामले को लेकर मचे भूचाल के बाद राज्य सरकार ने मामला सीबीआई को सौंप दिया था. मंत्री महिपाल व विधायक मलखान सहित सोलह लोग 6 साल से जेल में बंद है.