11 साल बाद जयपुर को मिलेगा न्याय, सीरियल बम ब्लास्ट में विशेष अदालत सुनाएगी फैसला

इन धमाकों की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिद्दीन ने ली थी. इसके 11 आतंकवादियों ने ब्लास्ट को अंजाम दिया था. इनमें से 5 को राजस्थान(Rajasthan) एसओजी ने गिरफ्तार किया था. 2 बाटला एनकाउंटर में मारे गए थे. 

11 साल बाद जयपुर को मिलेगा न्याय, सीरियल बम ब्लास्ट में विशेष अदालत सुनाएगी फैसला
इन धमाकों की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिद्दीन ने ली थी.

जयपुर: करीब 11 साल बाद गुलाबी नगर जयपुर अब न्याय मिलेगा. 11 साल पहले 13 मई, 2008 को गुलाबी नगरी में हुए 8 सीरियल बम ब्लास्ट मामले में विशेष अदालत आज यानी बुधवार को अपना फैसला सुनाएगी. जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत के जज अजय कुमार शर्मा सभी 8 मामलों में एक साथ फैसला सुनाएंगे.

दरअसल, राजस्थान की राजधानी जयपुर में तकरीबन साढ़े 11 साल पहले हुए 8 सीरियल ब्लास्ट केस में अब इंसाफ की घड़ी आ गई है. बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत 18 दिसंबर 2019 को इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी. जयपुर बम ब्लास्ट (Jaipur Bomb Blast) मामलों की विशेष कोर्ट इस मामले में पहले ही राज्य सरकार और पक्षकारों की बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख चुकी है. जज अजय कुमार शर्मा प्रथम सभी 8 मामलों में एक साथ फैसला सुनाएंगे.

कैसे दहला था जयपुर
करीब 11 साल पहले जयपुर (Jaipur) में कुछ ऐसा हुआ जो किसी ने नहीं सोचा था. गुलाबी नगरी की खूबसूरत शाम को आतंकियों की नज़र लग चुकी थी. उस दिन मंगलवार था और आतंकवादी जानते थे कि मंगलवार को शहर के हनुमान मंदिरों में अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ रहती है. 

कहां-कहां हुए थे धमाके
शाम करीब 7:05 पर पहला ब्लास्ट माणक चौक पुलिस थाने के पास हुआ. उसके बाद लगातार 7 सीरियल बम ब्लास्ट हुए, जिसने गुलाबी नगरी का रंग ही बदल डाला. हर तरफ धुआं ही धुआं, चीख पुकार, लाशें, लहुलूहान लोग और दहशत ही दहशत थी. घटना में करीब 69 लोगों की जान गई थी. वहीं 185 से ज्यादा लोग धमाकों में घायल हुए थे. 

एक के बाद एक 8 सीरियल बम ब्लास्ट
पहला माणक चौक थाने के सामने
दूसरा चांदपोल हनुमान मंदिर
तीसरा सांगानेर हनुमान मंदिर
चौथा नेशनल हैंडलूम, जौहरी बाज़ार
पांचवां फूल वालों का खंदा, बड़ी चौपड़
छठा सरगासूली के पास, त्रिपोलिया बाज़ार
सातवां फूल वालों का खंदा, छोटी चौपड़
आठवां कोतवाली थाने के सामने, छोटी चौपड़

किसने ली थी इन धमाकों की जिम्मेदारी
इन धमाकों की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिद्दीन ने ली थी. इसके 11 आतंकवादियों ने ब्लास्ट को अंजाम दिया था. इनमें से 5 को राजस्थान(Rajasthan) एसओजी ने गिरफ्तार किया था. 2 बाटला एनकाउंटर में मारे गए थे. 1 को पिछले साल दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है. वहीं 3 अभी भी फरार हैं. ब्लास्ट मामले में माणक चौक और कोतवाली थाने में 4-4 एफआईआर दर्ज हुई. 

मामले की जांच करते हुए एसओजी ने सितम्बर 2008 को सबसे पहले इंडियन मुजाहिद्दीन (Indian Mujahideen) को घटना की जानकारी मेल करने वाले आरोपी मोहम्मद शहबाज हुसैन को गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मार्च 2009 में मोहम्मद सैफ उर्फ कैरीऑन और मोहम्मद सरवर आज़मी को भी गिरफ्तार कर लिया. बाद में मोहम्मद सलमान और सैफुर उर्फ सैफुर्रहमान अंसारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं पिछले साल आरिज खान उर्फ जुनैद को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया, लेकिन अभी तक राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) ने उसे प्रोडेक्शन वारंट पर गिरफ्तार नहीं किया है. इस मामले में मिर्जा शादाब बैग उर्फ मलिक, साजिद बड़ा और मोहम्मद खालिद अभी भी फरार चल रहे हैं.