'मोर' पर अपने बयान से विवादों से घिरे रहे जस्टिस शर्मा राजस्थान मानवधिकार आयोग के सदस्य नियुक्त

राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी राज्य सरकार ने मानवाधिकार आयोग के सदस्यों की नियुक्ति लम्बे समय से लटका रखी थी.

'मोर' पर अपने बयान से विवादों से घिरे रहे जस्टिस शर्मा राजस्थान मानवधिकार आयोग के सदस्य नियुक्त
फाइल फोटो

जयपुर/नई दिल्ली: अब जबकि राजस्थान विधानसभा चुनाव के घोषणा के कुछ दिन शेष बचे हैं. राज्य सरकार कोर्ट के आदेश के बाद भी नई नियुक्तियां करने से बाज नहीं आ रहा है.

सिर्फ सोमवार को राज्य सरकार ने राज्य मानवधिकार आयोग का एक सदस्य और सुचना आयोग में दो सदस्यो की नियुक्ति कर डाली. राजस्थान हाई कोर्ट के पूर्व जज महेश चंद्र शर्मा को राजस्थान मानवाधिकार आयोग का सदस्य बनाया गया है.   

बताते चलें की राज्य मानवाधिकार आयोग में चेयरमैन के अलावा सारे पद अगस्त 2016 से खाली पड़ा हुआ था. इससे पूर्व मानवाधिकार आयोग के दो सदस्यों के रूप में एच. आर पूरी और एम. के देवराजन कार्यरत थें. 

राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी राज्य सरकार ने मानवाधिकार आयोग के सदस्यों की नियुक्ति लम्बे समय से लटका रखी थी. वैसे सरकार के आदेश के बाद नियुक्त किये गए शर्मा का मानवधिकार आयोग में कार्यकाल 5 वर्षो का है.

बतातें चलें कि जस्टिस शर्मा का आरएसएस से काफी गहरा जुड़ाव होने की बात भी कही जाती है. शर्मा इससे पहले भी गौ-मूत्र और मोर के कौमार्य के सम्बन्ध में टिप्पणी की वजह से विवाद में भी रहे हैं. 

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इनके अलावा राजस्थान सरकार ने सुचना आयुक्त के रूप में लक्ष्मण सिंह और राजेंद्र बरवाड़ की भी नियुक्ति की हैं..