कोटा: झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ अभियान छेड़ेगा चिकित्सा विभाग, पुलिस के मदद से करेगा कार्रवाई

ये कमेटी जिले में चल रहे क्लिनिक का निरीक्षण कर चिकित्सक का रिकॉर्ड खंगालेगी. कमियां मिलने और बिना क्वालिफिकेशन के पाए जाने पर सीज की कार्रवाई करेगी.

कोटा: झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ अभियान छेड़ेगा चिकित्सा विभाग, पुलिस के मदद से करेगा कार्रवाई
ये कमेटी जिले में चल रहे क्लिनिक का निरीक्षण कर चिकित्सक का रिकॉर्ड खंगालेगी.

मुकेश सोनी, कोटा: मौसमी बीमारियों के बीच लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले नीम हकीमों के खिलाफ जल्द ही शिकंजा कसेगा. जिला कलेक्टर के निर्देश के बाद चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग अब झोलाछाप  डॉक्टरर्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुहिम चलाएगा. इसके लिए विभाग ने शहर और ग्रामीण इलाकों में कार्रवाई के लिए कमेटी गठित की है. 

ये कमेटी जिले में चल रहे क्लिनिक का निरीक्षण कर चिकित्सक का रिकॉर्ड खंगालेगी. कमियां मिलने और बिना क्वालिफिकेशन के पाए जाने पर सीज की कार्रवाई करेगी. इस कमेटी में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन (सिटी और ग्रामीण) के अलावा ब्लॉक और खण्ड लेवल के अधिकारी (चिकित्सक/ प्रशासनिक) शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक जिले में डेढ़ हजार से ज्यादा झोलाछाप डॉक्टर हैं जो दुकानों और घरो में क्लिनिक सन्चालित कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं. 

हमें नहीं मालूम है कितने हैं-सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ. बीएस तंवर से जब इन झोलाछाप डॉक्टरों के बारे में बात की गई तो उन्होंने खुद माना कि एक डिस्पेंसरी एरिया में करीब चार से पांच झोलाछाप डाक्टर हैं, लेकिन जब कार्रवाई के बाबत पूछा गया तो उन्होंने ऐसा कोई भी रिकॉर्ड तैयार नहीं होने की बात कही. डॉ. तंवर ने बताया कि विभाग की तरफ से गठित टीम अब इन नीम हकीमों और झोलाछाप के रिकॉर्ड को खंगालेगी. अवैध पाए जाने पर उन्हें सीज किया जाएगा.

कौंन है झोलाछाप!
सीएमएचओ डॉ. बीएस तंवर ने बताया कि जो बिना क्वालिफिकेशन के चिकित्सा कर रहे हैं. उन्हें झोलाछाप की संज्ञा दी गई है. ये कम पढ़े लिखे होते हैं, कहीं से छोटा मोटा काम जैसे इंजेक्शन लगाना, ड्रिप चढ़ाना सिख लेते हैं. कही से आयुर्वेद की सर्टिफिकेट लेकर चिकित्सा शुरू कर देते हैं. ऐसे लोग भोली भाली जनता का चिकित्सक बनकर इलाज करते हैं ओर लोगों से मनमाना पैसा वसूल करते हैं. ये अवैध कार्य है. सूचना मिलने पर जब भी कार्रवाई के लिए जाते हैं, यह स्थानीय लोगों की मदद से फरार हो जाते हैं. विभाग अब ऐसे झोलाछाप के खिलाफ मुहिम चलाएगा. इसको लेकर विभाग की ओर से सभी ब्लॉक सीएमएचओ को ऐसे चिकित्सकों को चिन्हित कर सूची बनाने के निर्देश जारी किए हैं. इनकी समय समय पर जांच की जाएगी. अवैध पाए जाने पर इन्हें सीज किया जाएगा.

अवैध दवा कारोबार का अंदेशा!
हाल ही में कोटा शहर में खाली कैप्सूल की खोल की खेप मिलने पर अवैध दवा कारोबार का अंदेशा जताया जा रहा है. स्टॉकिस्टों के तार अवैध दवा कारोबार और झोलाछाप डॉक्टरों से जुडऩे लगे हैं. जिले में डेढ़ हजार से ज्यादा झोलाछाप डॉक्टर इन खोलों के सबसे बड़े खरीदार के तौर पर सामने आ रहे हैं. आशंका है कि ये लोग इन खाली कैप्सूल में दवाएं भर कर बेचते थे. जानकारों का कहना है कि काफी मात्रा में कोटा में ऐसे कैप्सूल खोल बेचे गए हैं. बिना लाइसेंस के कैप्सूल के खोल के स्थानीय स्तर पर शक्ति वर्धक आदि तरह की दवाएं बेचने वाले नीम हकीम और झोलाछाप डॉक्टर के बारे में औषधि नियंत्रण विभाग भी विस्तृत जानकारी जुटा रहा हैं.