गहलोत सरकार ला रही है मॉब लिंचिंग के खिलाफ आज विधानसभा में बिल, होगी चर्चा

राजस्थान की कांग्रेस सरकार राजस्थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक 2019 विधानसभा में पेश करेगी.

गहलोत सरकार ला रही है मॉब लिंचिंग के खिलाफ आज विधानसभा में बिल, होगी चर्चा
सोमवार को बजट सत्र का आखिरी दिन है. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: राजस्थान विधानसभा का सोमवार को बजट सत्र का आखिरी दिन है. इस दौरान प्रदेश सरकार कई महत्वपूर्ण बिल पेश करने जा रही है. सोमवार सुबह 11 बजे से प्रश्नकाल के साथ सदन की कार्यवाही शुरू होगी. इस दौरान शून्यकाल का सत्र नहीं होगा.

खबर के अनुसार, विधानसभा में दो प्रमुख विधेयकों पर चर्चा होगी. इस दौरान मॉब लिंचिंग से संरक्षण और ऑनर किलिंग पर दो बिल राजस्थान सरकार पारित कराने की तैयारी कर रही है. जिसपर विधानसभा पटल पर चर्चा होगी.  इसमें राजस्थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक 2019 और वैवाहिक संबंधों की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप का प्रतिषेध विधेयक 2019 शामिल है. 

इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
बताया जा रहा है कि आज के सत्र के दौरान चिकित्सा, उद्योग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, राजस्व, देवस्थान, कार्मिक, उच्च शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, राजस्व, जनजाति क्षेत्रीय विकास, पर्यटन, सिंचित क्षेत्र और विकास विभाग से संबंधित सवाला भी होंगे.

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान होगा सवाल जवाब
सदन में आज 3 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा होगी. जिसमें विधायक लक्ष्मण मीणा ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला का ध्यानाकर्षित करेंगे. इस दौरान विधायक मीणा बस्सी स्थित विद्युत निगम के कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार औऱ अनियमितताओं के संबंध में मंत्री का ध्यानाकर्षित करेंगे.

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विधायक करेंगे सवाल
इसके अलावा विधायक गुरदीप सिंह ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला से संगरिया विधानसभा क्षेत्र में नए घरेलू, कृषि विद्युत कनेक्शन जारी नहीं होने के मामले और मकानों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संबंध में ध्यानाकर्षित करेंगे. वहीं, विधायक सफिया जुबेर उच्च शिक्षा मंत्री का मत्स्य विवि में वर्ष 2018 में हुई भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के मामले पर ध्यानाकर्षित करेंगी.

रखी जाएगी वित्त विभाग की अधिसूचना
सदन में वित्त विभाग की अधिसूचना भी रखी जाएगी. इस दौरान मंत्री शांति धारीवाल सदन में 7 अधिसूचना जारी करेंगे. इसके अलावा सदन में वार्षिक प्रतिवेदन भी प्रस्तूत किए जाएंगे. इसके अलावा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री दो वार्षिक प्रतिवेदन रखेंगे. जिसमें राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग की संपरीक्षा रिपोर्ट और राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ की वार्षिक रिपोर्ट शामिल है.