लोकसभा 2019: कांग्रेस का गढ़ रहे बांसवाड़ा में क्या लगातार दूसरी बार जीत पाएगी BJP?

बांसवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से सर्वाधिक तीन बार सांसद बनने का रिकॉर्ड पूर्व सांसद और कांग्रेसी नेता ताराचंद भगोरा के नाम दर्ज है.

लोकसभा 2019: कांग्रेस का गढ़ रहे बांसवाड़ा में क्या लगातार दूसरी बार जीत पाएगी BJP?
बांसवाडा-डूंगरपुर पर आजादी के बाद से कांग्रेस पार्टी का दबदबा रहा है.

बांसवाड़ा: प्रदेश की बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट उदयपुर संभाग की चार सीटो में से एक सीट है. यह सीट एससी एसटी के लिए आरक्षित है. बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा संसदीय क्षेत्र में बांसवाड़ा के बांसवाडा, घाटोल, गढ़ी, बागीदौरा और कुशलगढ़ शामिल है. वहीं डूंगरपुर जिले में डूंगरपुर, सागवाड़ा और चौरासी 3 विधानसभा सीट आती हैं. वर्तमान में भाजपा के मानशंकर निनामा बांसवाडा-डूंगरपुर लोकसभा संसदीय सीट से सांसद हैं. 

लोकसभा सीट बांसवाड़ा-डूंगरपुर पर आजादी के बाद से कांग्रेस पार्टी का दबदबा रहा है. बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट पर 1952, 1957, 1962, 1967, 1971, 1980, 1984, 1991, 1996, 1998, 1999 और 2009 के चुनाव में कांग्रेस ने ही बाजी मारी. इस सीट पर बीजेपी ने केवल दो बार ही जीत हासिल की. जिसमें वर्ष 2004 में धनसिंह रावत और वर्ष 2014 में मोदी लहर के चलते मानशंकर निनामा सांसद बने हैं. 

बांसवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से सर्वाधिक तीन बार सांसद बनने का रिकॉर्ड पूर्व सांसद और कांग्रेसी नेता ताराचंद भगोरा के नाम दर्ज है. बांसवाडा-डूंगरपुर लोकसभा चुनाव के मुद्धों की बात करें तो यहां सबसे बड़ा मुद्धा है डूंगरपुर-रतलाम वाया बांसवाड़ा रेल परियोजना के काम को पुनः शुरू करवाना, उदयपुर-अहमदाबाद अवाम परिवर्तन, नेशनल हाइवे 927 स्वरुपगंज से रतलाम वाया डूंगरपुर-बांसवाड़ा का काम का है. वहीं यहां सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा सहित आधारभूत सुविधाओं का विकास करना और आदिवासी समूदाय को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाना है. वर्ष 2019 का चुनाव भी इन्ही मुद्धों के आधार पर लड़ा जाएगा. 

गौरतलब है कि राजस्थान में कुल 25 लोकसभा क्षेत्र हैं और 2014 में हुए आम चुनावों में बीजेपी द्वारा सभी सीटों पर जीत हासिल की गई थी.