Lok sabha chunav Elections 2024: कुछ ही घंटों में थम जाएगा पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार, जानिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने क्या बताए नियम
Advertisement
trendingNow1/india/rajasthan/rajasthan2208302

Lok sabha chunav Elections 2024: कुछ ही घंटों में थम जाएगा पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार, जानिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने क्या बताए नियम

Rajasthan Lok Sabha Elections 2024: 19 अप्रैल को पहले चरण में गंगानगर, बीकानेर, चूरू, झुंझूनूं, सीकर, जयपुर ग्रामीण, जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली-धौलपुर, दौसा और नागौर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा.

Lok sabha chunav Elections 2024: कुछ ही घंटों में थम जाएगा पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार, जानिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने क्या बताए नियम

Rajasthan Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान का समय नजदीक आ गया है. प्रथम चरण में मतदान के अंतिम 48 घंटे के लिए चुनाव प्रचार गतिविधियां यानि की प्रचार-प्रसार का शोरगुल आज शाम छह बजे से थम जाएगा लेकिन उम्मीदवार और उनके समर्थक घर-घर जाकर संपर्क कर सकेंगे.

19 अप्रैल पहले चरण में गंगानगर, बीकानेर, चूरू, झुंझूनूं, सीकर, जयपुर ग्रामीण, जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली-धौलपुर, दौसा और नागौर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा. इसके साथ ही इन सीटों पर मैदान में उतरे 114 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि मतदान की समाप्ति के लिए नियत किए गए समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटे की समय अवधि को साइलेंस पीरियड घोषित किया गया है. इसके तहत आज शाम छह बजे से मतदान समाप्ति तक रैली, जुलूस, सार्वजनिक सभाओं, लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध रहेगा.इस अवधि के दौरान अंतरराज्यीय सीमाएं भी सील रहेंगी.साथ ही इन क्षेत्रों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध के साथ सूखा दिवस रहेगा. आचार संहिता के उल्लंघन पर दो वर्ष तक कारावास या जुर्माना या दोनों सजा होगी.

उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश हैं कि कोई भी राजनैतिक व्यक्ति जो उस निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता या प्रत्याशी नहीं है अथवा सांसद या विधायक नहीं है वह उस निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार समाप्त होने के पश्चात नहीं ठहर सकता.निर्देश हैं कि राज्य की सुरक्षा कवच प्राप्त राजनैतिक व्यक्ति (प्रत्याशी से भिन्न) यदि निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता है तो वह अपने मताधिकार का उपयोग करने के बाद क्षेत्र में आवाजाही नहीं करेगा.

निर्देशों की पालना निर्वाचन मशीनरी और पुलिस-प्रशासन द्वारा सुनिश्चित करने के निर्देश आयोग ने दिए हैं. जिसमें सामुदायिक केंद्रों, धर्मशालाओं आदि जहां पर बाहरी व्यक्तियों को ठहराया जाता है समस्त सामुदायिक केन्द्रों, धर्मशालाओं, गेस्ट हाउस, लॉज तथा होटलों में ठहरने वाले व्यक्तियों की निगरानी व सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं.

बाहर से आने वाले वाहनों पर भी नजर रखी जा रही है. राजस्थान में ओपिनियन पोल या अन्य पोल सर्वे के प्रसारण पर प्रतिबंध रहेगा. एग्जिट पोल पर यह प्रतिबन्ध लोकसभा चुनाव के 7वें चरण के मतदान दिवस 1 जून को शाम 6:30 बजे तक जारी रहेगा.

Trending news