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नागौर: 70 साल से कागजों पर मेड़ता की रेलवे लाइन, लोगों ने मोदी सरकार से उम्मीद

 यहां के लोगों का मानना है की अगर मेड़ता सिटी से अजमेर रेल लाइन से जुड़ जाता है तो इसका सीधा कनेक्शन देश के प्रमुख चार महानगरों से हो जाएगा. 

नागौर: 70 साल से कागजों पर मेड़ता की रेलवे लाइन, लोगों ने मोदी सरकार से उम्मीद
इससे मेड़ता की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी.

जयपुर: राजस्थान के सियासी हालात की बात करें तो यहां नेताओं द्वार वादों की बयार कोई नई बात नहीं है. सियासी बिसात चाहे किसी भी चुनाव की हो लेकिन उस पर एक मुद्दा ही पूरी सियासत की तस्वीर बदल कर कर रख देता है. एसे ही वादों एवं दावों के बीच राजसमंद लोकसभा क्षेत्र के मेड़ता सिटी का रेल मुद्दा हमेशा से ही चर्चित रहा है. जिसको लेकर प्रत्याशी चाहे पैराशूट का हो या फिर जमीनी स्तर का कार्यकर्ता सब कुछ उलझ कर रह जाते है. लेकिन दूसरी बार एतिहासिक पूर्ण बहुमत वाली मोदी सरकार से मेड़ता की पब्लिक बहुत कुछ आस लगाए बैठी है.

प्रदेश के ठीक मध्य में स्थित प्रशासनिक दृष्टि से नागौर और राजसमंद लोकसभा का क्षेत्र दोनो एक ही प्रशासनिक क्षेत्र में आते हैं.  लेकिन सियासी दुनिया की बात करें तो जिला तो मेड़ता सिटी का नागौर में आता है लेकिन संसदीय क्षेत्र को लेकर मेड़ता की स्थिति बदल जाती है. जिसके कारण नागौर ज़िले के मेड़ता में आने वाला क्षेत्र हर बार सियासी खेल का फ़ुटबाल बन जाता है. कभी मुद्दों के नाम पर तो कभी पर्यटन के नाम पर तो कभी रेल के नाम पर. यहां पर हमेशा से ही सियासी खेल वादों औ इरादों का चलता आया है. 

यहां के नेता हर बार रेल के मुद्दे पर जो मेड़ता से अजमेर को जोड़ने के वादों की बात करता है वह दिल्ली के संसद में अपनी उपस्थिति दर्ज करा लेता है. सरकारे आई सियासत बदली, नेताओ के चहेरे भी बदले लेकिन अगर कुछ नहीं बदला तो वो है मेड़ता की हालत. मेड़ता से अजमेर को जोड़ने वाली रेल लाइन का मुद्दा आज भी नही. बदला. आज भी क्षेत्र का अवाम अपनी इस मांग को पूरज़ोर शब्दों में उठा रहे है.

इसको लेकर यहां के लोगों का मानना है की अगर मेड़ता सिटी से अजमेर रेल लाइन से जुड़ जाता है तो इसका सीधा कनेक्शन देश के प्रमुख चार महानगरों से हो जाएगा. बल्कि देश के चारों प्रमुख तीर्थ स्थल, अमन एवं शांति के दूत गरीब नवाज़ की ज़ियारत के लिए देश के हर कोने से सीधा रेल रूट इस ट्रेक से जुड़ जाएगा. अगर मेड़ता सिटी से अजमेर रेल लाइन का मार्ग प्रशस्त होता है तो मेड़ता सिटी से मेड़ता रोड़ के बीच चलने वाली रेल बस की समस्या से भी मुक्ति मिल जाएगी. 

साथ ही मीरा बाई मंदिर एवं तीर्थ स्थलों से शुमार देश के नक्शे पर प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहे मेड़ता की आर्थिक स्थिति भी मज़बूत होगी. मेड़ता सिटी से अजमेर रेल लाइन को लेकर जब इस क्षेत्र से चुनाव जितने वाली सांसद दिया कुमारी से चुनावी वादों को पूरा करने की बात की गई तो उन्होंने जल्द ही प्रधान मंत्री से मिलकर रेल लाइन के इस मुद्दे को जल्द ही साकार रूप देने का आशवाशन दिया. यहां की सांसद दिया कुमारी ने बताया कि मेड़ता सिटी से अजमेर रेल सेवाओं से जुड़े इसको लेकर जो प्रयास किए जाने है किए जाएंगे, उन्होंने इसको लेकर हर संभव प्रयास का भरोसा दिलाया. अब देखना यह हैं कि क्या इस बार भी यहां की जनते को सरकार रेल का सफर करवा पाएगी?