Bhilwara शराब दुखांतिका: 5 लोगों की मौत पर बड़ा खुलासा, पारिवारिक विवाद का था षडयंत्र

पुलिस ने खुलासा किया है कि पांच लोगों की मौत का कारण जहरीली शराब नहीं, षड्यंत्र था, जो मरने वालों के ही परिवार के एक सदस्य ने रचा था.

Bhilwara शराब दुखांतिका: 5 लोगों की मौत पर बड़ा खुलासा, पारिवारिक विवाद का था षडयंत्र
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Bhilwara: जिले के बहुचर्चित सारण का खेड़ी शराब दुखान्तिका (Liquor Dukhantika) मामले में भीलवाड़ा पुलिस (Bhilwara Police) को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने खुलासा किया है कि पांच लोगों की मौत का कारण जहरीली शराब नहीं, षड्यंत्र था, जो मरने वालों के ही परिवार के एक सदस्य ने रचा था.

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जि‍ला कलक्‍टर शि‍वप्रसाद एम नकाते (Shivprasad M Nakate) और पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा (Vikas Sharma) ने शनिवार को एसपी ऑफिस सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मामले का खुलासा करते हुए कहा कि 28 जनवरी को मांडलगढ़ थाना क्षेत्र (Mandalgarh police station area) के सारण का खेड़ा गांव में रहने वाले गुल्ला कंजर (Gulla Kanjar) से गांव के ही सतूड़ी पत्नी पप्पू कंजर, हजारी पुत्र कालू बैरवा, दलेल सिंह पुत्र लादू सिंह राजपूत, भौम सिंह पुत्र कानसिंह राजपूत, मंजू पत्नी गुल्ला कंजर, नीतू पत्नी लादू सिंह राजपूत और लादूसिंह पुत्र मोती सिंह राजपूत ने शराब खरीदकर इसका सेवन किया था. इसी शराब का गुल्ला उर्फ कन्हैयालाल पुत्र रामचन्द्र कंजर ने भी सेवन किया था. इसके चलते पांच लोगों की मौत हो गई थी. इनमें सतूड़ी कंजर, हजारी बैरवा, दलेल सिंह, सरदार पुत्र भैरूलाल भाट और गुल्ला कंजर शामिल है. 

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कई लोग हो गए थे निलंबित
प्रथम दृष्टया जहरीली शराब पीने से मौत का मामला मानते हुए राज्य सरकार (State Government) ने मांडलगढ़ डीएसपी, थाना प्रभारी, दीवान और एक सिपाही सहित आबकारी विभाग के कुल 11 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलम्बित कर दिया था. बाद में आबकारी विभाग की लैब में शराब के सैंपल की जांच से सामने आया कि शराब जहरीली नहीं थी. उसमें कीटनाशक की मात्रा पाई गई. इसके बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदलते हुए एफएसएल में शराब के सैंपल की जांच करवाई गई. इसमें भी शराब में विषाक्त पदार्थ होने की बात सामने आई थी. ऐसे में पुलिस ने नये सिरे से मामले की जांच करते हुए इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बीती रात एक आरोपित विनोद कंजर को गिरफ्तार कर लिया था.

आरोपी ने कबूला अपना जुर्म
एसपी शर्मा ने बताया कि पूछताछ में आरोपित विनोद ने कबूल किया कि उसकी मां और मौसी मंजू पर गुल्ला कंजर अर्नगल आरोप लगाते हुए आये दिन झगड़ा और मारपीट करता था. इसे लेकर विनोद परेशान हो गया. उसने गुल्ला को रास्ते से हटाने के लिए साजिश रची. साजिश के तहत विनोद ने मोनोस्टार नामक कीटनाशक दवा खरीदी. विनोद ने उक्त कीटनाशक गुल्ला कंजर की बनाई शराब की एक बोतल में मिला दी. चूंकि गुल्ला आदतन शराब पीने का आदी था. उसने जैसे ही शराब का सेवन किया उसे शराब कड़वी लगी. इस पर गुल्ला ने उक्त शराब को नष्ट करने के बजाय हथकड़ शराब से भरी जरीकेन में मिला दिया था. यह शराब बाद में उक्त शराब पीने वाले लोगों में बंट गई. इसी के चलते यह बड़ी दुखान्तिका हुई थी. 

कबूतरों की भी मौत हो गई
अपने ही काका गुल्ला को रास्ते से हटाने के लिए विनोद ने कीटनाशक खरीदने के बाद पहले विनोद ने इस कीटनाशक को दाने में मिलाया. फिर उस दाने को कबूतरों को खिला दिया. इससे कबूतरों की मौत हो गई. प्रयोग सफल रहने पर विनोद ने यह कीटनाशक अपने काका गुल्ला की शराब की बोतल में मिला दिया था. 

आरोपी की मां भी हो गई साजिश का शिकार
पुलिस का कहना है कि आरोपित विनोद के पिता पप्पू कंजर और गुल्ला कंजर सगे भाई हैं. इन दोनों की पत्नियां सतूड़ी और मंजू भी सगी बहने हैं. दोनों ही नातायत पत्नियां हैं. गुल्ला सतूड़ी और मंजू पर अर्नगल आरोप लगाकर आये दिन झगड़ा और मारपीट करता था. यह बात सतूड़ी के बेटे विनोद को नागवार गुजरी और इसी के चलते उसने गुल्ला कंजर को रास्ते से हटाने की साजिश रची. हालांकि विनोद ने साजिश अपने काका गुल्ला कंजर को रास्ते से हटाने के लिए रची थी लेकिन इस साजिश का शिकार खुद विनोद की मां सतूड़ी भी हो गई. सतूड़ी शराब पीने की आदी थी और उसने भी गुल्ला कंजर द्वारा तैयार की गई शराब जिसमें बाद में विनोद ने कीटनाशक मिला दिया था. इसका सेवन कर लिया और इसी के चलते उसकी मौत हो गई.

पुलिस ने ऐसे किया वारदात का खुलासा
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एफएसएल रिपोर्ट पर शराब में कीटनाशक की मात्रा पाये जाने के बाद पुलिस ने कीटनाशक की दुकानों पर पड़ताल की तो महुआ स्थित सुखवाल कृषि सेवा केन्द्र, महुआ से 20 जनवरी को विनोद ने अपने खेत में मिर्ची की फसल में छिड़काव के लिए मोनोस्टार नामक कीटनाशक दवा की सौ एमएल की सीसी खरीदने का पता चला. जांच में यह भी सामने आया कि विनोद कंजर के खेत में मिर्ची की फसल नहीं होकर सरसों और गेहूं की फसल काश्त की गई है. पुलिस ने मामले की गहनता से जांच करने के बाद सबूतों और तथ्यों के आधार पर आज आरोपी विनोद को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है.