जयपुर: रेनवाल में रैन बसेरे का अभाव, ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं लोग

करीब दो साल पहले नगरपालिका बोर्ड बैठक में बस स्टेंड पर आधुनिक रैनबसेरा बनानें का सर्वसम्मति से प्रस्ताव लिया गया था लेकिन आज तक इस पर अमल ही नहीं हुआ. 

जयपुर: रेनवाल में रैन बसेरे का अभाव, ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं लोग
रैन बसेरे का लिया गया प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है.

अमित यादव, रेनवाल: जयपुर जिले के रेनवाल कस्बे में रैन बसेरे के अभाव में असहाय और गरीब लोग ठंड से ठिठुरने पर मजबूर हैं. नगर पालिका परिसर में बनाए गए अस्थाई रैन बसेरे का कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है. दो साल पहले बस स्टैंड पर रैन बसेरे का लिया गया प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है. 

राज्य सरकार के निर्देश पर शहरों, नगर में रैन बसेरा बनाए गए हैं, जहां गरीब, असहाय लोग रात के समय रहकर सर्दी से बचाव कर सकते हैं. शहर में अब तक स्थाई रैनबसेरा नहीं बन पाया है हालांकि नगर पालिका परिसर में स्थित सामुदायिक भवन में अस्थाई रैन बसेरा प्रति वर्ष बनाया जाता है, जहां एक तो दिन भर पालिका कर्मचारी कार्य करते हैं, वहीं शहर के आखिरी छोर पर होने से वहां तक रहने वाले पहुंच ही नहीं पाते तथा प्रचार-प्रसार के अभाव में रैन बसेरे का पता नहीं चल पाता. इस कारण रैन बसेरे का उपयोग नहीं हो पा रहा है. 

करीब दो वर्ष पहले नगरपालिका बोर्ड बैठक में बस स्टेंड पर आधुनिक रैनबसेरा बनानें का सर्वसम्मति से प्रस्ताव लिया गया था लेकिन आज तक इस पर अमल ही नहीं हुआ. जागरूक लोगों का कहना है कि सर्दी के मौसम में ठंड से ठिठरते लोगों के लिए बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन के नजदीक सुविधा युक्त रैन बसेरा होना चाहिए, जिससे वास्तव में जरूरतमंद लोगों के लिए उपयोग हो सके.