जयपुर: भिवाड़ी एसपी ऑफिस के लिए नहीं मिली पर्याप्त जमीन

भिवाड़ी एसपी ऑफिस में विभिन्न शाखाओं के कार्यालय भी स्थापित किए जाएंगे. वहीं  प्रशासन भिवाड़ी में पांच महीने बाद भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए पर्याप्त जमीन नहीं ढूंढ पाया है.   

जयपुर: भिवाड़ी एसपी ऑफिस के लिए नहीं मिली पर्याप्त जमीन
भिवाड़ी में पुलिसकर्मियों को न तो खुद के कार्यालय और न ही आवासीय भवन मिले हैं.

विष्णु शर्मा, जयपुर: सरकार घोषणाएं तो कर देती है लेकिन आधारभूत ढांचा बनने में काफी वक्त लग जाता है, जिससे काम प्रभावित होता है. ऐसा ही भिवाड़ी में बनाए गए नए पुलिस जिले के साथ हो रहा है. भिवाड़ी एसपी ऑफिस में विभिन्न शाखाओं के कार्यालय भी स्थापित किए जाएंगे. वहीं  प्रशासन भिवाड़ी में पांच महीने बाद भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए पर्याप्त जमीन नहीं ढूंढ पाया है.   

अलवर में बढ़ती आपराधिक वारदातों पर अंकुश नहीं लग पाया तो सरकार ने अलवर को तोड़कर भिवाड़ी को नया पुलिस जिला बना दिया. नया जिला बनने के साढ़े पांच महीने बाद भी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप नहीं हो पाया है, जिससे जिले में विधिवत ढंग से काम शुरू नहीं हो पा रहा है. हालत यह है कि भिवाड़ी में जिला एसपी कार्यालय, पुलिस लाइन एवं अन्य प्रकार के कार्यालयों के संचालन के लिए पर्याप्त भवन उपलब्ध नहीं हैं. नए भवन निर्माण के लिए पुलिस अधीक्षक भिवाड़ी द्वारा कस्बा भिवाड़ी एवं उसके आसपास स्थित क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में जमीन की तलाश की जा रही है.

एक छत के नीचे कई कार्यालय
पुलिस मुख्यालय का कहना है कि नए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के भवन में जिला विशेष शाखा, इंटेलीजेंस का जिला कार्यालय, उप अधीक्षक एसटी एससी सेल-उनका स्टाफ, उपाधीक्षक महिला सेल और उनका स्टाफ, आरएसी कंपनी कमांडर उनका कार्यालय, अपराध सहायक, उनका स्टाफ आदि कार्यालय रहेंगे.   

यह स्थापना की घोषणा
- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 16 जुलाई 2019 को नए पुलिस जिले भिवाड़ी का गठन की घोषणा की.
- इसके एक महीने बाद सरकार ने 16 अगस्त 2019 को जिला गठन की अधिसूचना और आदेश जारी किए.
- गृह विभाग ने 20 सितंबर 2019 को जिले में थानों, चौकियों, पुलिस लाइन आदि में पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों की संख्या का निर्धारण कर दिया.
- गृह विभाग के आदेश के बाद अलवर जिले से व अन्य जगह से कर्मचारी-अधिकारी तैनात भी कर दिए गए.

रहने को घर नहीं, काम करने को कार्यालय
भिवाड़ी में पुलिसकर्मियों को न तो खुद के कार्यालय और न ही आवासीय भवन मिले हैं. यहां तक कानून व्यवस्था कंट्रोल के लिए आवश्यक पुलिस लाइन भी नहीं बन पाई है. पुलिस मुख्यालय से एडीजी हाउसिंग ए पोन्नूचामी ने गृह विभाग को प्रस्ताव भिजवाया है. उन्होंने भिवाड़ी की विभिन्न प्रकार की संवेदनशील परिस्थितियों एवं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए नए भवनों का निर्माण कराया जाना आवश्यक बताया. 

कौन-कौन से भवन के लिए कितनी राशि चाहिए- 
- एसपी ऑफिस का प्रशासनिक भवन -8 करोड़ 5 लाख
- रिजर्व पुलिस लाइन का प्रशासनिक भवन- 6 करोड़
- लाइन में परेड ग्राउंड, खेल ग्राउंड - एक करोड़ 45 लाख
- रिजर्व पुलिस लाइन संपर्क सड़क- 3 करोड़
- पुलिस लाइन में इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन, रोड लाइट, हाई मास्क लाइट- एक करोड़ 50 लाख
- रिजर्व पुलिस लाइन में सौर संयंत्र - 60 लाख
- रिजर्व पुलिस लाइन में ओवर हेड टैंक का निर्माण 50 लाख
- रिजर्व पुलिस लाइन में जिला कंट्रोल रूम - 50 लाख
-रिजर्व पुलिस लाइन में जल संचयन प्रणाली- 20 लाख
- रिजर्व पुलिस लाइन में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट-  एक करोड़
- रिजर्व पुलिस लाइन में चार दिवारी- 3 करोड़
- निर्माण पर कुल खर्च होने वाली राशि - 26.25 करोड़  

यहां रहने की जरूरत 
- एएसपी, सीओ भिवाड़ी के 3 आवासीय भवन- एक करोड़ 71 लाख
- पुलिस लाइन में 200 पुरुष बैरिक - 5 करोड़ 
- पुलिस लाइन में 50 महिला बैरक - 2 करोड़ 85 लाख
- पुलिस लाइन में 18 सबोर्डिनेट आवास- 5 करोड़ 98 लाख 50 हजार
- पुलिस लाइन में 64 लोअर सबोर्डिनेट आवास - 14 करोड़ 24 लाख
- पुलिस लाइन में जवानों की मेस- 2 करोड़ 
- आवासीय भवनों पर कुल खर्च 31 करोड़ 78 लाख 50 हजार