जोधपुर में लागू होगा 'रामगंज मॉडल', स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने जारी किए निर्देश

राज्य सरकार की कोविड नियंत्रण को लेकर मंशा है कि आने वाले दिनों में ज्यादा से ज्यादा राज्यों में अति गंभीर मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए प्लाज्मा थैरेपी की शुरुआत की जाए. 

जोधपुर में लागू होगा 'रामगंज मॉडल', स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने जारी किए निर्देश
राजस्थान में ज्यादा से ज्यादा कोरोना की जांच की जा रही है.

जयपुर: राजस्थान में कोरोना के नए पॉजिटिव केस तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके नियंत्रण को लेकर सीएम अशोक गहलोत ने बुधवार को समीक्षा बैठक भी ली थी.

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि इस बैठक में कलक्टर, पुलिस, स्वास्थ्य अधिकारियों को वीसी के माध्यम से विशेष निर्देश दिए गए हैं. 

यह भी पढ़ें- कोविड ने बढ़ाई गहलोत सरकार की चिंता, 339 नए केस के साथ एक्टिव मामलों हुए 8587

दरअसल राजस्थान में जुलाई महीने में तेजी से कोरोना के नए केस बढ़े हैं, जिसका कारण प्रतिदिन होने वाले टेस्ट की संख्या बढ़ाने का है. वर्तमान में राजस्थान में ये देखा जा रहा है कि लक्षण वाले मरीज महज 10 फीसदी सामने आ रहे हैं जबकि 90 फीसदी मरीजों के लक्षण नहीं हैं. ऐसे में बिना लक्षण वाले मरीजों की पहचान करने के लिए राजस्थान में ज्यादा से ज्यादा कोरोना की जांच की जा रही है.

देश के दस बड़े राज्य जहां कोरोना फैला हुआ है, उसमें राजस्थान बेहतर स्थिति में है. ये राज्य के लिए सबसे बड़ी राहत की बात है. इस समय राज्य सरकार का सबसे फोकस मृत्यु दर को कम करना है, जो वर्तमान में 1.87 फीसदी है. अति गंभीर मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए राजस्थान में प्लाज्मा थैरेपी शुरू की गई थी, जो पूरी तरह सफल रही है. 

यह भी पढ़ें- बीकानेर में कोरोना वायरस का कहर, कुल संक्रमितों की संख्या पहुंची 1535

राज्य सरकार की कोविड नियंत्रण को लेकर मंशा है कि आने वाले दिनों में ज्यादा से ज्यादा राज्यों में अति गंभीर मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए प्लाज्मा थैरेपी की शुरुआत की जाए. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा प्रदेश में जहां भी पॉजिटिव केसेस की संख्या बढ़ रही है, वहां रैंडम और क्लस्टर सेंपलिंग के जरिए जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा. इसकी शुरुआत सबसे पहले जोधपुर से की जाएगी. 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जोधपुर के संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर कोरोना पॉजिटिव हैं, इसलिए किसी अन्य अधिकारी को जोधपुर भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि जोधपुर सिटी में पॉजिटिव को चिन्हित करने के लिए रामगंज मॉडल में काम में ली गई रैंडम सैंपलिंग पद्धति अपनाई जाएगी. प्रदेश में पॉजिटिव से नेगेटिव का रेशियो देश के 10 बड़े राज्यों में सबसे बेहतर है और प्रदेश में मृत्यु दर भी राष्ट्रीय औसत से कम है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में मृत्यु दर 2.34% से 1.38% हो गई है.