close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: 1 महीने में 9 फीसदी रहा किसानों का रजिस्ट्रेशन, 25 लाख किसानों को ऋण देगी सरकार

चौंकाने वाली बात ये है 6 जुलाई से सहकारी फसली ऋण वितरण की शुरूआत होगी, लेकिन अब तक केवल 2 लाख 30 हजार किसानों ने ही आवेदन किया है. 

राजस्थान: 1 महीने में 9 फीसदी रहा किसानों का रजिस्ट्रेशन, 25 लाख किसानों को ऋण देगी सरकार
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: मानसून आ चुका है, खेतों में आज के दौरे के आधुनिक हल भी तैयार हैं, लेकिन उस आधुनिक हल के साथ किसान बहुत बेबस हैं. इस बार किसानों की बेबसी मानसून के सामने नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम के सामने लाचार है. लाचारी और बेबसी इस बात की कि अब तक किसानों के दोनों हाथ खाली हैं. मानसून तो आ चुका है, लेकिन अब तक किसानों के पास ना तो खाद है और ना ही बीज. ऐसे में भला अन्नदाता इस मानसून में कैसे हमारे लिए फसलों की बुआई कर पाएंगे.

चौंकाने वाली बात ये है 6 जुलाई से सहकारी फसली ऋण वितरण की शुरूआत होगी, लेकिन अब तक केवल 2 लाख 30 हजार किसानों ने ही आवेदन किया है. जबकि सहकारिता विभाग ये दावा कर रहा है कि वो प्रदेश के 25 लाख किसानों को ब्याजमुक्त फसली ऋण बांटेगा लेकिन अब तक केवल 9 फीसदी किसानों ने ही आवेदन किया है.

सरकारी सिस्टम की लाचारी के चलते किसान समय से आवेदन नहीं कर पाए क्योंकि अधिकतर ईमित्र और जीएएस में आवेदन की प्रक्रिया ही समय से शुरू नहीं हो पाई. आवेदन प्रक्रिया को एक महीना हो गया है, लेकिन इसके बावजूद कई जीएएसएस और ईमित्र तो ऐसे हैं जहां आवेदन ही नहीं हो रहे. जबकि सहकारिता विभाग ये दावा करता रहा है कि प्रदेश में सभी ईमित्र और जीएसएस पर आवेदन शुरू हो गए है, लेकिन इन आकंडों से ये साफ हो गया है कि विभाग के दावे कितने सही है.

अभी भी 22 लाख 70 हजार से ज्यादा यानि 91 फीसदी किसानों का आवेदन होना बाकी है. ऐसे में सहकारिता विभाग के लिए ये बडा चैलेंज रहेगा कि लाखों किसानों को समय से कैसे ऋण दिया जाए.