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राजस्थान: बजरी माफिया को लेकर विधानसभा में हंगामा, आधे घंटे के लिए स्थगित की कार्रवाई

राठौड़ ने कहा कि ‘अगर सरकार जवाब नहीं देती तो इसका मतलब है कि जो आरोप उस पर लगाए जा रहे हैं वे सत्य हैं. हम जानना चाहते हैं कि सरकार बजरी माफिया के खिलाफ क्या कार्रवाई कर रही है.’ 

राजस्थान: बजरी माफिया को लेकर विधानसभा में हंगामा, आधे घंटे के लिए स्थगित की कार्रवाई
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान में बजरी माफिया के कथित आतंक को लेकर शुक्रवार को राज्य की विधानसभा में खूब हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी. इस मुद्दे पर संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने बोलना चाहा तो आसन ने चर्चा समाप्त होने का हवाला देते हुए उनसे बैठने को कहा. लेकिन मंत्री ने बोलना जारी रखा तो सभापति ने कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी.

मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए राज्य में बजरी माफिया का मुद्दा उठाया और राज्य सरकार से जवाब मांगा. प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि बजरी माफिया के आतंक से जुड़ी खबरें रोज मीडिया में सुर्खियां बन रही हैं और यह माफिया धौलपुर के एसपी तक को अपना निशाना बना चुका है. राठौड़ इस मुद्दे पर बोल रहे थे तो सत्ता पक्ष व विपक्ष के सदस्यों ने एक दूसरे के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया. 

राठौड़ ने कहा कि ‘अगर सरकार जवाब नहीं देती तो इसका मतलब है कि जो आरोप उस पर लगाए जा रहे हैं वे सत्य हैं. हम जानना चाहते हैं कि सरकार बजरी माफिया के खिलाफ क्या कार्रवाई कर रही है.’ विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी ने इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता गुलाब चंद कटारिया को बोलने का मौका दिया तो उन्होंने कहा कि सरकार को इस गंभीर विषय पर जवाब देना चाहिए. आसन ने इस विषय पर चर्चा समाप्त करने की घोषणा कर दी. जब हंगामा जारी रहा तो कटारिया ने कहा, ‘अगर सरकार इस गंभीर मुद्दे पर स्पष्टीकरण नहीं देती है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है और हम बर्हिगमन करते हैं.’ इसके बाद विपक्ष के सदस्य बर्हिगमन कर गए. 

सत्ता पक्ष की ओर से शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल ने बात रखने की कोशिश की. उन्होंने आसन से कहा,‘जब सरकार पर कोई आरोप लगाए तो हमें बोलने का मौका दीजिए अन्यथा सरकार पर जो आरोप लगाए गए हैं उन्हें रिकार्ड से हटाया जाए.’ आसन ने उन्हें बैठाना चाहा लेकिन मंत्री बोलते रहे तो सभापति जोशी ने कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी.