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राजस्थान: शिलान्यास के 3 साल बाद भी नहीं बनीं यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी, छात्र परेशान

7 जुलाई 2016 को राज्यपाल कल्याण सिंह ने राजस्थान यूनिवर्सिटी परिसर में न्यू सेंट्रल लाइब्रेरी का शिलान्यास किया था. 

राजस्थान: शिलान्यास के 3 साल बाद भी नहीं बनीं यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी, छात्र परेशान
सवा साल में लाइब्रेरी का काम पूरा होकर यूनिवर्सिटी को सौंपा जाना था

जयपुर: राजस्थान विश्वविद्यालय में 7 जुलाई 2016 को नई सेंट्रल लाइब्रेरी का शिलान्यास राज्यपाल कल्याण सिंह द्वारा किया गया था. महज सवा साल में लाइब्रेरी का काम पूरा होकर यूनिवर्सिटी को सौंपा जाना था, लेकिन तीन साल का समय बीत जाने के बाद भी आज तक लाइब्रेरी क काम पूरा नहीं हो पाया है. करीब 11 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस लाइब्रेरी की लागत समय के साथ-साथ बढ़ती गई. ये लागत करीब 16 करोड़ से पार पहुंच गई. पिछले एक साल से राविवि प्रशासन महज 2-3 महीने की बात कह रहा है, लेकिन ये 2-3 महीने हैं की खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहै हैं.

7 जुलाई 2016 को राज्यपाल कल्याण सिंह ने राजस्थान यूनिवर्सिटी परिसर में न्यू सेंट्रल लाइब्रेरी का शिलान्यास किया था. शुरूआती दौर में लाइब्रेरी का निर्माण कार्य जोर-शोर से चला, लेकिन वक्त के साथ साथ इसकी रफ्तार भी कम होने लगी है. अब हालात ये हैं की लाइब्रेरी का काम पूरी तरह से ठप पड़ा है. आरएसआरडीसी की मानें तो लाइब्रेरी 18 फरवरी 2018 को पूरी हो चुकी है. लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन की और से इसका कब्जा नहीं लिया जा रहा है. वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन आरएसआरडीसी पर आरोप लगाते हुए नहीं तक रही है.

जब नई सेंट्रल लाइब्रेरी का शिलान्यास किया गया तब इसके निर्माण का समय करीब 1 साल रखा गया था. कई पेचिदगियों के चलते लाइब्रेरी के निर्माण में लगातार देरी होती रही. देरी के चलते  कुलपति आरके कोठारी का कहना है कि 'आरएसआरडीसी की और से लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन उसकी और से लाइब्रेरी में कई कमियों को छोड़ा गया था. जिसमें कबूतरों का प्रवेश और लाइट फिंटिंग की समस्या थी. वो भी ठीक कर लिया गया है, अब लाइब्रेरी का आउटर एरिया का काम चल रहा है. जल्द ही ये पूरा होने के बाद आरएसआरडीसी से लाइब्रेरी का कब्जा ले लिया जाएगा.'

आरएसआरडीसी की और से विवि पर ये आरोप लगाए गए हैं कि करीब डेढ़ साल पहले उनका कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन विवि प्रशासन ही कब्जा लेने में देरी कर रहा है. इस पर कुलपति आरके कोठारी ने जवाब देते हुए कहा कि 'छात्र हित में लाइब्रेरी का काम जल्द पूरा होने को लेकर रजिस्ट्रार के साथ कई मीटिंग हो चुकी हैं. आउटर साइड एरिया के लिए 1 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि मांगी थी वो भी दे दी गई है. ऐसे में विवि प्रशासन जल्द ही कब्जा लेकर फर्नीचर सहित अन्य कार्य शुरू करेगी'.

बहरहाल, तीन साल से यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य है कि खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. जहां एक और आरएसआरडीसी और यूनिवर्सिटी प्रशासन एक-दूसरे के सामने हो गए हैं. वहीं अब कुलपति आरके कोठारी ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक भी पहुंचा दी है, लेकिन इन दोनों के झगड़े में सिर्फ नुकसान यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों का हो रहा है.