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राजस्थान: पैंथरों से झगड़े के बाद अपने तीन शावकों से बिछड़ी मां, भूख से हुए बदहाल

जोधपुर मचिया सफारी पार्क की नर्सरी में चिकित्सक श्रवण सिंह राठौड़ इन तीनो शावकों की देखभाल कर रहे हैं. 

राजस्थान: पैंथरों से झगड़े के बाद अपने तीन शावकों से बिछड़ी मां, भूख से हुए बदहाल
प्रतीकात्मक तस्वीर

पाली: राजस्थान के पाली के जवाई पैंथर कंजर्वेशन प्रोजेक्ट के सेणा गांव में एक पैंथर के तीन शावक भूख से बेहाल हो गए हैं. इन शावकों को माचिया बॉयोलॉजिकल पार्क की स्पेशल नर्सरी में रखा गया है. जहां उनको अब अमेरिकन मिल्क पाउडर पिलाया जा रहा है. यहां इन शावकों को अब चौबीस घंटे में चार बार दूध पिलाया जाता है. रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए इन शावकों को दवाइयां दी जा रही हैं. 

जोधपुर मचिया सफारी पार्क की नर्सरी में चिकित्सक श्रवण सिंह राठौड़ इन तीनो शावकों की देखभाल कर रहे हैं. जहां दो शावकों की हालत में सुधार है तो वहीं तीसरे शावक की हालत अभी स्थिर बताई जा रही है. जोधपुर संभाग के पाली के सेणा गांव की पहाड़ी पर करीब बीस दिन पूर्व मादा पैंथर ने तीन शावकों को जन्म दिया था. इसके बाद मादा पैंथर का अन्य पैंथर से झगड़ा हो गया था. जिस दौरान उसके मुंह और पांव पर चोटें आईं थी. वह लंगड़ा के चल रही थी. 

जिसके बाद उदयपुर के सीसीएफ ने उसकी तलाश में सेणा और कोठार गांव में सर्च ऑपरेशन चलाने के लिए डीएफओ वाइल्ड लाइफ जोधपुर महेश चौधरी की टीम की सहायता मांगी. इसके बाद जोधपुर के डॉ. श्रवणसिंह राठौड़ शावकों को लाने और मादा पैंथर को तलाशने गए, लेकिन गत 30 दिसंबर से लापता मादा पैंथर नहीं मिली. इस दौरान बिना मां के शावकों को किसी तरह दूध पिलाया गया, लेकिन मां के बिना बच्चों का हाल बेहाल हो गया. हालांकि, अब उन्हें जोधपुर मचिया सफारी पार्क की नर्सरी में रखा गया है और चिकित्सकों द्वारा उनका ध्यान रखा जा रहा है.