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राजस्थान: बीजेपी ने स्वाइन फ्लू के मुद्दे पर सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप

सोमवार को विधानसभा में विपक्ष ने स्वाइन फ्लू के मूद्दे पर मरीजों के आंकड़े छुपाने का आरोप लगाते हुए सरकार जमकर हमले किए

राजस्थान: बीजेपी ने स्वाइन फ्लू के मुद्दे पर सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप
पॉजिटिव केस की बात करें तो राजस्थान देश में पहले पायदान पर है

राजस्थान: प्रदेश में साल 2019 की शुरुआत से ही स्वाइन फ्लू पूरी तरह अपने पांव पसार चुका है. महज 21 दिनों में के अंदर राजस्थान में स्वाइन फ्लू से 51 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 1 हजार 335 लोग स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गये है. पॉजिटिव केस की बात करें तो राजस्थान देश में पहले पायदान पर है. वहीं स्वाइन फ्लू पर प्रदेश में राजनीति भी शुरू हो चुकी है. 

सोमवार को विधानसभा में विपक्ष ने स्वाइन फ्लू के मूद्दे पर मरीजों के आंकड़े छुपाने का आरोप लगाते हुए सरकार जमकर हमले किए. वहीं सीएम ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि 'जो अपनी सरकार में अपनी विधायक को नहीं बचा सके उन्हें स्वाइन फ्लू को लेकर आरोप लगाने का अधिकार नहीं है. हम स्वाइन फ्लू रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं.' 
 
वहीं इस बीमारी से स्वर्णनगरी कहा जाने वाला जैसलमेर भी अछूता नहीं है. जैसलमेर में इस बीमारी से औसतन रोज एक मरीज सामने आ रहा है, लेकिन इसके बावजूद चिकित्सा विभाग इसके प्रति अभी भी सचेत नहीं है. हर बैठक में व अधिकारियों को स्वाइन फ्लू के बारे में जानकारी देकर चिकित्सा विभाग अपना काम निभा रहा है. लेकिन धरातल पर स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए कोई भी प्रयास नहीं किए जा रहे हैं. 

जैसलमेर में तो यह स्थिति है कि जिन जगहों पर स्वाइन फ्लू के मरीजों की पुष्टि भी हो चुकी है, विभाग द्वारा वहां आस-पास निवास करने वाले लोगों की रोकथाम को लेकर भी कोई सार्थक प्रयास नहीं किए गए है. अब तक जैसलमेर में करीब 14 मरीज सामने भी आ चुके हैं, जिनमें से दो मरीजों की मृत्यु भी हो चुकी है. चिकित्सा विभाग की लापरवाही का यह आलम है कि कई मरीजों के बारे में चिकित्सा विभाग को जानकारी तक नहीं है. जिससे यह रोग जैसलमेर में भी अपने पैर फैला रहा है. 

क्या है स्वाइन फ्लू 
स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के इनफ्लुएंजा वाइरस (एच-1 एन-1) के द्वारा होता है. इसमें मरीज को जुकाम, गले में खराश, सर्दी खांसी, बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेटदर्द व उल्टी दस्त की शिकायत रहती है. यह रोग बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को तीव्रता से प्रभावित करता है. यह खांसने, छींकने व छूने से फैलता है. इसके साथ ही संक्रमित होने से 5-7 दिन में यह लक्षण दिखाई देना शुरू हो जाते हैं. 

मरीज भी रखे सावधानी 
स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने के बाद मरीज सबसे पहले चिकित्सकीय परामर्श लें. इसके साथ ही खांसी, जुकाम व बुखार के रोगी से दूर रहें. साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें. खांसते या छींकते समय मुंह ढंक दें. सर्दी जुकाम होने की स्थिति में भीड़-भाड़ से बचें.