राजस्थान: नोटबंदी के भूत से फिर डरे व्यापारी, आयकर विभाग ने भेजा नोटिस

आयकर विभाग ने इसके चलते नोटबंदी के समय हुई बिक्री पर सवाल खड़े करते हुए सौ फीसदी पेनल्टी लगाई है.

राजस्थान: नोटबंदी के भूत से फिर डरे व्यापारी, आयकर विभाग ने भेजा नोटिस
जयपुर के ज्वैर्ल्स ने नोटबंदी के दिन उपभोक्ताओं से पुराने नोट लेकर खरा सोना बेचा.

जयपुर: आठ नवंबर 2016 यानि नोटबंदी का दिन, इस दिन बेचा गया सोना, आज ज्वैलर्स की परेशानी का सबब बना हुआ है. नोटबंदी की घोषणा के बाद ज्वैलर्स ने पुराने हजार और पांच सौ के नोटों के जरिए करोड़ों रुपए का सोना बेचा गया. कारोबारियों ने इस पूरे लेन-देन को अपने बहीखातों में दिखाया, वाजिब टैक्स भी दिया, लेकिन आयकर विभाग को यह पूरा लेनदेन संदिग्ध नजर आया. विभाग ने ज्वैलर्स को नोटिस भेजे हैं. इसके बाद से ज्वैलर्स में हडकंप मच गया है.

जयपुर के ज्वैलर्स  ने नोटबंदी के दिन उपभोक्ताओं से पुराने नोट लेकर खरा सोना बेचा. यह सौदा उन्हें भी खरा लगा क्योंकि पुराने हजार और पांच सौ के नोटों का प्रचलन उस दिन तक था. आठ नवंबर को कोई शुभ मुहर्त नहीं होते हुए भी जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा समेत बड़े शहरों में रिकॉर्ड स्तर पर कीमती धातुओं की बिक्री रही. उस दिन देर रात तक ज्वैलरी की दूकानें भी खुली रही. बंपर बिक्री ने ज्वैलर्स के चेहरे पर नोटबंदी की चिंता भी मिटा दी. 

अब तीन साल बाद यह लेनदेन आयकर विभाग को संदिग्ध नजर आया है. करीब 100 बड़े ज्वैलर्स पर नोटबंदी के दिन लेखा बहियों में दर्ज बिक्री के जरिए पुराने नोटों को खपाने का संदेह है. आयकर विभाग ने इसके चलते नोटबंदी के समय हुई बिक्री पर सवाल खड़े करते हुए सौ फीसदी पेनल्टी लगाई है. जयपुर सराफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि सब आकड़े दूरुस्त हैं, यह प्रक्रिया केवल कारोबारियों को परेशानी में डालने वाली है.

परेशान कारोबारी आयकर विभाग के दरवाजे पर वर्ष 2016-17 की स्क्रूटनी पर राहत की दरख्वास्त लेकर पहुंचे. विभाग के अधिकारियों ने कहा की यह प्रक्रिया के तहत हुआ है. अगर फिर भी किसी को समस्या है तो सुलझाई जाएगी. प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त नीना निगम ने कारोबारियों को आश्वस्त किया कि जो गाइड लाइन पेट्रोल पंप और ज्वैलर्स के लिए जारी की गई है. उसी के आधार पर काम होगा, किसी भी कारोबारी को परेशानी नहीं होगी.

31 दिसंबर तक आयकर विभाग सभी बड़े खातों का बकाया वसूलने की तैयारी में है. अधिकतर पेंडिंग केसों की फाइल से राजस्व वसूली जा चुका है. केंद्रीय मंत्रालय की ओर से राजस्व वसूली का दबाव प्रदेश के अधिकारियों पर भी है. इस बार राजस्व वसूली का लक्ष्य 25 हजार करोड़ के करीब हैं, इसके मुकाबले वसूली का स्तर कम है. विभाग 31 दिसंबर तक अस्सी से 85 फीसदी टारगेट पर पहुंचना चाह रहा है. ऐसे में कलेंडर वर्ष 2019 के अंतिम दिनों में विभाग के अधिकारी 24 घंटे सक्रिय है.