जनघोषणा पत्र के वादों को लेकर एक्शन में आई राजस्थान सरकार

मुख्यमंत्री कार्यालय में औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ हुई मुलाकात में यह कहा गया कि प्रदेश में सेक्टर आधारित औद्योगिक संभावनाओं को बढ़ाया जाएगा

जनघोषणा पत्र के वादों को लेकर एक्शन में आई राजस्थान सरकार
सीएम ने कहा कि वह प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के प्रयास जारी रखेंगे

अंकित तिवाड़ी/जयपुर: राजस्थान में गहलोत सरकार जनघोषणा पत्र में किए गए वादों पर खरा उतरने के लिए अब पूरी तरह एक्शन में नजर आ रही है. सत्ता में आने के बाद विभिन्न संगठनों से मिल रहे सुझावों पर काम की रफ्तार बढ़ाई जा रही हैं. कोशिश हैं गुड गवेंनेंस देने की. सीएम अशोक गहलोत की प्राथमिकता में उद्योग सेक्टर का स्थान भी बेहद अहम है. मुख्यमंत्री कार्यालय में औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ हुई मुलाकात में उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि प्रदेश में सेक्टर आधारित औद्योगिक संभावनाओं को बढ़ाया जाएगा. 

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही नए निवेश के इच्छुक लोग उद्योग विभाग से संपर्क साध रहे हैं. प्रदेश में रोजगार संभावनाओं के लिए निजी क्षेत्र में नया निवेश बेहद जरुरी है लेकिन लंबे समय से रूके नीतिगत बदलाव, रिप्स योजना में समय के साथ बदलाव नहीं होने और स्थान और सेक्टर आधारित उद्योग स्थापना की कमी निवेश की राह में रुकावट बनी हुई हैं. वहीं प्रदेश का बिजली महकमा उद्योगों को सप्लाई की जार ही दरों में राहत के मूड में नहीं हैं. इसका नुकसान भी नए निवेश में उठाना पड़ रहा हैं. अब सरकार बदली हैं जाहिर हैं नीतिगत बदलाव भी होंगे. औद्योगिक संगठनों को भी गहलोत सरकार से बेहद उम्मीदें हैं. 

सीआईआई के प्रतिनिधियों ने सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात कर सिंगल विंडो सिस्टम की सार्थकता, किसानों को इंडस्ट्रीयल एग्रीकल्चर ट्रेनिंग, युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम प्राथमिकता और सेक्टर आधारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है. जिसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उद्यमियों से एक एक्शन प्लान की मांग की हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार सभी सुझावों को ध्यान में रखेगी.

साथ सीएम ने कहा कि वह प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के प्रयास जारी रखेंगे. जो औद्योगिक नीतियां लंबे समय पेंडिंग हैं उन पर शीघ्र होमवर्क कर लागू किया जाएगा. सीएम ने कहा कि प्रदेश की बतौर औद्योगिक हब मॉर्केंटिंग और ब्रांडिंग की जाएगी। सीएम से मिले गर्मजोशी भरे जवाब से उद्यमियों में उत्साह हैं. उन्हें लग रहा हैं जो नीतियां अभी तक विभिन्न कारणों से पेंडिंग रही अब सिरे चढ़ेंगी.

राजस्थान में सरकार बदली है इसके साथ ही विभागों की रंगत भी. शुभकामनाओं का दौर लगभग पूरा हो चुका हैँ, वक्त अब काम करने का है. जाहिर हैं अब 25 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस को अपना पिछला प्रदर्शन सुधारना हैं तो कम समय में बेहतर परिणाम देने होंगे. एक विश्वास पैदा करना होगा जो यह दिखाए की प्रदेश में वास्तव में गुड गवर्नेंस है.