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राजस्थान: अंधेरे में प्रतापगढ़ के कई गांव, अब तक नहीं मिला बिजली का कनेक्शन

जिले के कई गांव ऐसे में जो आज भी अंधेरे में हैं. सैकडों परिवार आज भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं

राजस्थान: अंधेरे में प्रतापगढ़ के कई गांव, अब तक नहीं मिला बिजली का कनेक्शन
सैकड़ों परिवार आज भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं

प्रवेश परदेशी/प्रतापगढ़: एक तरफ केन्द्र सरकार सौभाग्य योजना चला कर देश को अंधेरे से मुक्त करने का अभियान चला रही है, दूसरी ओर बिजली विभाग के अधिकारियों की सुस्ती से यह अभियान धरातल पर ठीक से नहीं पहुंच पा रहा है. बात प्रतापगढ़ की है, जहां आज भी कई गांवों में अंधेरा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितम्बर 2017 को सौभाग्य योजना यानी सहज बिजली हर घर योजना शुरू की थी. मकसद यही था कि 31 मार्च 2019 तक देश के हर घर में बिजली पहुंच जाए. जिनका नाम 2011 की जनगणना में है उसे फ्री में और जिसका नाम नहीं है उसे 500 रुपए के मामूली शुल्क में बिजली दी जाए.

लेकिन प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट सौभाग्य योजना का अभी तक प्रतापगढ़ जिले लोगों का सौभाग्य नहीं मिला. जिले के कई गांव ऐसे में जो आज भी अंधेरे में हैं. सैकड़ों परिवार आज भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं. अंधेरे में रहने को मजबूर धरियावद उपखंड के मुंगाणा ग्राम पंचायत के देवीलाल मीणा से आपको मिलवाते हैं. जिनकी बिजली विभाग के चक्कर काटते-काटते पसीने छूट गए लेकिन घर रोशन नहीं हुआ. पहले देवीलाल के पिता नाथूलाल ने चक्कर काटे और फिर जब उनकी मौत हो गई तो अब देवीलाल चक्कर काट रहा है. 

देवीलाल मीणा ने बताया कि बिजली विभाग कार्यालय के लाइनमैन ने उससे कनेक्शन के लिए का 3 हजार 900 रूपए फीस के तौर पर भी ले लिया, लेकिन फिर भी कनेक्शन नहीं हुआ. जबकि प्रधानमंत्री को मुफ्त में बिजली कनेक्शन देने की घोषणा कर चुके हैं. देवीलाल ने बताया कि उसका पूरा परिवार डिजिटल इंडिया में अंधेरे में जिन्दगी गुज़ारने को मजबूर हैं. बिजली के आभाव में बच्चे रात में पढ़ाई नहीं कर पाते और अंधेरे में ही रोटी पकती है. 

देवीलाल कहता है कि बिजली के आभाव में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा. ऐसे में सवाल यही कि योजना में जब सब कुछ फ्री तो विभाग किस बात के पैसे ले रहा है और अगर ले रहा है तो फिर कनेक्शन क्यों नहीं दे रहा है. अगर इसी तरह चलता रहा तो 31 मार्च 2019 तक देश को अंधेरे से मुक्त करने का सपना कैसे पूरा होगा.