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राजस्थान: डेप्युटेशन शिक्षकों को मूल विभाग में मिलेगी जगह, गोविंद डोटासरा ने जारी किए आदेश

गोविंद डोटासरा ने बताया कि तीन हजार से अधिक कर्मचारी अन्‍ययत्र विभागों में कार्य कर रहे हैं. उन्‍होंने बताया कि जब तक शिक्षा विभाग कार्मिक पोर्टल पर नहीं आएगा उसे अगले जुलाई महीने की तनख्‍वाह नहीं मिलेगी. 

राजस्थान: डेप्युटेशन शिक्षकों को मूल विभाग में मिलेगी जगह, गोविंद डोटासरा ने जारी किए आदेश
फाइल फोटो

जयपुर: शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा के शिक्षाविभाग मंत्री का कार्य भार संभालने के बाद से ही धड़ाधड़ फैसले लेकर शिक्षा विभाग के ढांचे को दुरस्‍त करने तथा गुणवत्‍ता युक्‍त शिक्षा प्रदान करने के लिए फैसले लेना शुरू कर दिया था. कभी शिविरा का समय काल ठीक कराना हो या फिर जिला मुख्‍यालय पर इंग्लिश मीडियम सरकारी स्‍कूल खोलने हो या फिर जर्जर भवनों के लिए 38 करोड़ का बजट देने हो या फिर कई ऐसे फैसले जिसमें राजनीतिक हित से जुड़े पाठयक्रम हो या फिर स्‍कूलों में शिक्षकों के ठहराव की व्‍यवस्‍था हो. 

इसी के तहत अब डेप्युटेशन या अन्‍य किसी विभाग में तैनात शिक्षकों को मूल विभाग में रवानगी का आदेश भी जारी किए हैं. डोटासरा ने बताया कि पूरे राज्‍य में तीन हजार से अधिक शिक्षक और शिक्षा विभाग के अन्‍य कर्मचारी कार्यव्‍यवस्‍था संपदान व निर्वाचन कार्य तथा अन्‍य किसी कारणों से अन्‍य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर लगे हुए है और सालों से कार्य कर रहे है जबकि शिक्षा विभाग भुगतान कर रहा है. ऐसे तमाम कार्मिकों को शिक्षा विभाग में वापस भेजने के लिए निर्देश जारी किए हैं.

गोविंद डोटासरा ने बताया कि तीन हजार से अधिक कर्मचारी अन्‍ययत्र विभागों में कार्य कर रहे हैं. उन्‍होंने बताया कि जब तक शिक्षा विभाग कार्मिक पोर्टल पर नहीं आएगा उसे अगले जुलाई महीने की तनख्‍वाह नहीं मिलेगी. उन्‍होंने बताया कि किसी भी विभाग में शिक्षक तैनात हैं पहले वह मूल पद पर आए पोर्टल पर रजिस्‍टर्ड हो इसके बाद विभाग को लगेगा कि ऐसे कार्मिक को दूसरे विभाग में भेजना है तो ही भेजा जाएगा अन्‍यथा शिक्षक या अन्‍य शिक्षा विभाग का कार्मिक अपने मूल पद पर कार्य करेगा. 

पोर्टल पर आने के बाद जहां जरूरत होगी वहां भेजा जाएगा समसा या किसी वि‍द्यालय में जरूरत होगी वहां इंटरव्यू के बाद लगाया जाएगा. विभाग को सूचना ही नहीं है कि वह कहा कार्य कर रहा है. सरकार चाहती है की शिक्षा विभाग हमारे विभाग के शिक्षक बच्‍चों को शिक्षा दें यह पहली प्राथमिकता है. उसके बाद दूसरा कार्य जो विभाग को लेगेगा कि इसे भेजना जरूरी है तभी भेजा जाएगाशिक्षण व्‍यवस्‍था को चुस्‍त दुरस्‍त करने की है

शिक्षा मंत्री ने तत्‍कालीन भाजपा सरकार के कई फैसले को भी पलटते हुए अमूल चूल परिवर्तन किए है1 गोविंद डोटासरा का कहना है कि उनकी मंशा है कि गुणवत्‍ता युक्‍त शिक्षा बच्‍चों को दी जाए इसलिए वे ऐसे बच्‍चों के हितों के लिए शिक्षा विभाग के ढर्रे को ठीक करने के लिए ले रहे हैं.