राजस्थान पुलिस के टालमटोल के कारण फाइलों में उलझी RBI की सुरक्षा, जानें पूरा मामला

रिजर्व बैंक की जयपुर शाखा की सुरक्षा करीब पांच साल से सरकारी फाइलों में उलझी हुई है. सरकार के निर्देश के बाद भी 'नफरी' को लेकर राजस्थान पुलिस की ओर से टालमटोल किया जा रहा है. 

राजस्थान पुलिस के टालमटोल के कारण फाइलों में उलझी RBI की सुरक्षा, जानें पूरा मामला
रिजर्व बैंक की राजस्थान क्षेत्रीय शाखा के लिए सुरक्षाकर्मी मांगे जा रहे हैं.

जयपुर: रिजर्व बैंक की जयपुर शाखा की सुरक्षा करीब पांच साल से सरकारी फाइलों में उलझी हुई है. सरकार के निर्देश के बाद भी 'नफरी' को लेकर राजस्थान पुलिस की ओर से टालमटोल किया जा रहा है.

रिजर्व बैंक की जयपुर शाखा की सुरक्षा करीब पांच साल से सरकारी फाइलों में उलझी हुई है. सरकार के निर्देश के बाद भी 'नफरी' को लेकर राजस्थान पुलिस की ओर से टालमटोल किया जा रहा है. ये हालात तो तब है, जब आरबीआई की ओर से सुरक्षाकर्मियों का पुनर्भुगतान किया जा रहा है.

बढ़ती आतंकवादी घटनाओं को लेकर गृह मंत्रालय ने करीब पांच साल पहले प्रमुख बिल्डिंगों और महत्वपूर्ण जगहों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया था. आरबीआई के केंद्रीय कार्यालय मुंबई की सुरक्षा सेल ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को हाई अलर्ट पर रहने की हिदायत दी थी.

इसे देखते हुए रिजर्व बैंक की राजस्थान क्षेत्रीय शाखा के लिए सुरक्षाकर्मी मांगे जा रहे हैं, लेकिन पांच साल बाद भी मामला फाइलों से बाहर नहीं निकला है. रिजर्व बैंक अधिकारियों की लगातार मांग के बाद गृह विभाग से पुलिस महानिदेशक को जाब्ता लगाने के निर्देश जारी कर दिए, लेकिन फिर भी मामला पीएचक्यू और आरएसी के बीच अटका हुआ है.

सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने पर बैंक प्रबंधन की ओर से उनकी तनख्वाह का पुनर्भरण किया जाता है. इसके बावजूद सुरक्षाकर्मी उपलब्ध नहीं कराना घोर लापरवाही है. यह भी दिलचस्प बात है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में आरबीआई में राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक होती है. बैठक में हर बार रिजर्व बैंक की सुरक्षा बढ़ाए जाने सहित बैंकों की सुरक्षा का मुद्दा एजेंडे में शामिल होता है, लेकिन हो कुछ नहीं रहा. बैठक के बाद गृह विभाग स्तर से जाब्ता उपलब्ध कराने के फौरी निर्देश दे दिए जाते हैं, लेकिन फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है.