राजस्थान पुलिस ने SOG जवानों के लिए मांगा 'जोखिम भत्ता', कहा...

राजस्थान में संगठित माफिया गिरोह पर कार्रवाई के लिए एसओजी का गठन किया गया था. एसओजी के अधिकारी और जवान अपने इस काम को बखूबी अंजाम भी दे रहे हैं. 

राजस्थान पुलिस ने SOG जवानों के लिए मांगा 'जोखिम भत्ता', कहा...
डीजीपी ने सरकार से एसओजी के जवानों के लिए 25 प्रतिशत जोखिम भत्ते की मांग की है.

विष्णु शर्मा/जयपुर: राजस्थान में संगठित माफिया गिरोह, आपराधिक गैंग्स को खत्म करने में जुटी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है. ऐसे में एसओजी के जवानों-अफसरों की जान पर 'जोखिम' के बदले विशेष भत्ता चाहिए. राजस्थान पुलिस के मुखिया डीजीपी ने भी सरकार से एसओजी के कांस्टेबल से एएसपी तक के लिए 25 प्रतिशत जोखिम भत्ते की मांग की है. 
 
राजस्थान में संगठित माफिया गिरोह पर कार्रवाई के लिए एसओजी का गठन किया गया था. एसओजी के अधिकारी और जवान अपने इस काम को बखूबी अंजाम भी दे रहे हैं. एसओजी जाली नोट चलाने वाले गिरोह, अवैध हथियार, मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह की धरपकड़ में लगी है. वहीं, समय समय पर आतंकवादी एवं राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है. इस कार्रवाई के दौरान अक्सर एसओजी जवानों और अधिकारियों का जीवन संकट में पड़ जाता है. 

इसी संकट को देखते हुए सरकार ने 19 अप्रैल 2012 को एसओजी के कांस्टेबल से इंस्पेक्टर तक को मूल वेतन का 10% विशेष वेतन के रूप में देने के आदेश जारी किए थे. अब कांस्टेबल से एएसपी तक के अधिकारियों को 25 प्रतिशत भत्ते की मांग की गई है. इसके लिए डीजीपी डॉ भूपेंद्र सिंह ने एसीएस गृह को पत्र लिखा है.

इंस्पेक्टर से सीआई तक मिल रहा दस प्रतिशत भत्ता 
एसओजी में वर्तमान में कांस्टेबल से इन्सपेक्टर तक मूल वेतन का 10 प्रतिशत जोखिम भत्ता मिलता है. डीजीपी का कहना है कि एसओजी में जोखिम वाले महत्वपूर्ण ऑपरेशंस का नेटवर्क पुलिस उप अधीक्षक और एएसपी स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाता है. ऐसे में कांस्टेबल से एएसपी तक मूल वेतन का 25 प्रतिशत जोखिम भत्ता दिया जाना चाहिए. विशेष जोखिम भत्ता दिए जाने का औचित्य भी बताया है. 

एसओजी में नहीं लगना चाहते अधिकारी-कर्मचारी 
डीजीपी ने अपने पत्र में लिखा है कि एसओजी की इस जोखिम भरी कार्यप्रणाली को देखते हुए आज कोई भी अधिकारी-कर्मचारी अपनी इच्छा से संगठन में नहीं आना चाहता है. जोखिम भरे काम को करने के लिए असीम साहस और मोटिवेशन की आवश्यकता रहती है. एसओजी में तभी ऐसे लोग आ सकते हैं जब उनकी प्रतिभा को पहचान कर उन्हें जोखिम भरे काम को करने के लिए कुछ अतिरिक्त भत्ता दिया जाए. भत्ता स्वीकृत करने पर राजस्थान सरकार पर दो करोड़ 75 लाख 46 हजार 660 रुपए का भार आएगा.