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राजस्थान: स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा मौसमी बीमारियों से बचने के उपाए

स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में मौसमी बीमारियों, मिलावट, स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान को जोड़ने की कवायद की जा रही है. 

राजस्थान: स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा मौसमी बीमारियों से बचने के उपाए
चिकित्सा विभाग बच्चों के जरिये लोगों को जागरूक करने की तैयारी में है.

जयपुर: जीका का कहर हो या फिर स्वाइन फ्लू, राजस्थान में पिछले दो-तीन सालों में तो स्थिति काफी चिंताजनक है. ऐसे में चिकित्सा विभाग ने एक्शन प्लान के साथ स्कूली बच्चों को भी जागरूक करने पर फोकस रहा है. इसके लिए स्कूली पाठ्यक्रम में फ़ूड सेफ्टी, मौसमी बीमारी और स्वच्छता को शामिल करने की कवायद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है. इसके पीछे का उद्देश्य ये है कि बच्चे अगर मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक होंगे, तो वे पूरे परिवार को इन बीमारियों की रोकथाम के प्रति आसानी से अवेयर कर सकेंगे.

दरअसल, चिकित्सा विभाग भले ही राजस्थान को बीमारू राज्य से उभरने का दावा करता हो, लेकिन सच्चाई ये है कि मौसमी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप ने राजस्थान की छवि को काफी धूमिल किया है. इसके साथ ही मिलावट भी राजस्थान में एक बड़ा मुद्दा है. दोनों विषयों को लेकर जागरूकता का आभाव है. ऐसे में अब चिकित्सा विभाग बच्चों के जरिये लोगों को जागरूक करने की तैयारी में है. 

इसके लिए बाकायदा स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में मौसमी बीमारियों, मिलावट, स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान को जोड़ने की कवायद की जा रही है. पिछले दिनों चिकित्सा विभाग ने मौसमी बीमारियों के लगातार फैलने के पीछे की वजह जानने के लिए कई तरह के सर्वे और एनालिसिस करवाया था. 

इस दौरान सामने आया कि जागरूकता की कमी के चलते लोग बीमारियों के प्रति गंभीर नहीं होते और एक-दूसरे के सम्पर्क में आने से बीमारियां फैलती है. चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा और एसीएस (मेडिकल) रोहित कुमार सिंह की मंशा है कि राजस्थान में हर साल सामने आ रही मौसमी बीमारियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए. 

इसी दिशा में चिकित्सा विभाग अब हर घर तक पहुंच बनाने की दिशा में काम कर रहा है. विभाग का बच्चों के लिए जागरूकता का प्रयास सराहनीय है क्योंकि जब बच्चे जागरूक होंगे, तो परिवार का हर सदस्य जागरूक होगा. अब देखना ये है कि इस प्रयास के फील्ड में क्रियान्यवन में कितनी गंभीरता दिखाई जाती है.