राजस्थान निकाय चुनाव 2019: थमा चुनाव प्रचार, अब घर-घर जाकर उम्मीदवार कर सकेंगे प्रचार

श्याम सिंह राजपुरोहित ने बताया कि अब राजनीतिक दल अथवा प्रत्याशियों द्वारा सार्वजनिक सभा आयोजित करने, जुलूस निकालने, सिनेमा, दूरदर्शन अथवा इलेक्ट्रोनिक मीडिया के माध्यम से चुनाव प्रचार करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.

राजस्थान निकाय चुनाव 2019: थमा चुनाव प्रचार, अब घर-घर जाकर उम्मीदवार कर सकेंगे प्रचार
फाइल फोटो

जयपुर: नगर निकाय चुनाव 2019 के लिए मतदान की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं. चुनाव प्रचार-प्रसार का शोर शाम 5 बजते ही थम गया. राज्य के 49 नगर निकायों में मतदान 16 नवंबर को सुबह 7 से शाम 5 बजे तक इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन के जरिए होगा. इन पदों के लिए 19 नवम्बर को मतगणना होगी. अध्यक्ष का चुनाव 26 नवंबर और उपाध्यक्ष का 27 नवंबर को होगा.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सचिव श्यामसिंह राजपुरोहित ने राज्य के मतदाताओं से अपील की है कि वो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निर्भय होकर बिना किसी डर और दबाव के अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करें. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं. पर्यवेक्षकों ने आवंटित निकाय क्षेत्रों में पहुंचकर अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है.

श्याम सिंह राजपुरोहित ने बताया कि अब राजनीतिक दल अथवा प्रत्याशियों द्वारा सार्वजनिक सभा आयोजित करने, जुलूस निकालने, सिनेमा, दूरदर्शन अथवा इलेक्ट्रोनिक मीडिया के माध्यम से चुनाव प्रचार करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. साथ ही संगीत-समारोह, नाट्य-अभिनय अथवा अन्य कोई मनोरंजन कार्यकम आयोजित कर चुनाव प्रचार पर भी प्रतिबंध रहेगा. प्रत्याशियों द्वारा घर-घर जाकर जनसंपर्क के माध्यम से अपना प्रचार किया जा सकता है.

राजपुरोहित ने बताया कि मतदान केंद्र की 200 मीटर की परिधि में दल अथवा अभ्यर्थी का कार्यालय नहीं खोला जा सकेगा. मतदान के लिए मतदाता का नाम मतदाता सूची में होना पहली अनिवार्यता है. इसके पश्चात मतदाता को मतदान केंद्र पर अपनी पहचान स्थापित करानी होगी. राज्य में सभी मतदाता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र अथवा 12 अन्य फोटोयुक्त दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं. 

गौरतलब है कि प्रदेश में कुल 33 लाख 6 हजार 912 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिनमें से 17 लाख 5 हजार 1 पुरुष, 16 लाख 1 हजार 864 महिलाएं और 47 अन्य मतदाता शामिल हैं.