Rajsamand Bypoll 2021: गढ़ बचाने में जुटी BJP, क्या कांग्रेस ढहा पाएगी किला?

Rajsamand Byelection 2021: मरुधरा पूरी तरह से चुनावी रंग में रंग गया है. तीन सीटों पर हो रहे उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों इसे नाक की जंग की तरह लड़ रही हैं. यही वजह है कि कांग्रेस राजसमंद में बीजेपी के किले को ढहाने के लिए पसीना बहा रही है.  

Rajsamand Bypoll 2021: गढ़ बचाने में जुटी BJP, क्या कांग्रेस ढहा पाएगी किला?
उपचुनाव के प्रचार में दोनों दलों ने झोंकी ताकत. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Udaipur: राजसमंद विधानसभा सीट (Rajsamand Vidhansabha) पर जीत हासिल करने के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों अपनी पूरी ताकत लगा रही है. बीजेपी का गढ़ कहे जाने वाले राजसमंद को कांग्रेस अपने हाथों में लेने की कोशिश कर रही है. तो बीजेपी अपना दबदबा कायम रखने के लिए पसीना बहा रही है. इसलिए राजसमंद में बेहद दिलचस्प लड़ाई हो गई है.

दरअसल, मरुधरा पूरी तरह से चुनावी रंग में रंग गया है. तीन सीटों पर हो रहे उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों इसे नाक की जंग की तरह लड़ रही हैं. यही वजह है कि कांग्रेस राजसमंद में बीजेपी के किले को ढहाने के लिए पसीना बहा रही है. पिछले करीब डेढ़ दशक से राजसमंद विधानसभा सीट पर बीजेपी ने कब्जा जमा रखा है. बीजेपी के इस किले को भेदने के लिए कांग्रेस अपनी सियासी गोटियां फिट कर रही है.

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पार्टी ने जिले के प्रभारी मंत्री उदयलाल आंजना के साथ में अपने करीब आधा दर्जन मंत्रियों को राजसमंद में तैनात कर रखा है. जो लगातार जनता के बीच में जाकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की उपलब्धियों को गिना रहे हैं. मंत्री उदयलाल आंजना जहां जिले के रूठे कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का जिम्मा उठाए हुए हैं. तो वही मंत्री ममता भूपेश और चिकित्सा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग लोगों के बीच में जाकर कांग्रेस प्रत्याशी तनसुख बोहरा के लिए वोट मांग रहे हैं.

वहीं, बीजेपी राजसमंद में अपना दबदबा कायम रखने के जान फूंक रही हैं. केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ प्रदेश बीजेपी के कई बड़े नेता राजसमंद के दौरे कर रहे हैं. और बीजेपी प्रत्याशी दीप्ति महेश्वरी के लिए वोट मांग रहे हैं. बीजेपी कांग्रेस सरकार पर लगातार आरोपों का मलबा फेंक रही है. बीजेपी का कहना है कि सरकार पिछले ढाई साल के कार्यकाल में जनता से किए अपने वादों को पूरा नहीं कर पाई और अब फिर से कांग्रेस राजसमंद की जनता को झूठे सपने दिखा कर वोट मांग रही हैं. लेकिन इसबार कांग्रेस के सपनों पर जनता पानी फेर देगी.

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गौरतलब, 17 अप्रैल को 3 सीटों पर हो रहे उपचुनाव कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए बेहद अहम हैं. यही वजह है कि दोनों पार्टी के दिग्गज सड़कों की धूल फांक रहे हैं. लेकिन अब दो मई को तस्वीर साफ हो जाएगी की जनता किसे अपना नेता चुनती है.

(इनपुट-अविनाश जगनावत)