close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

झुंझुनूं: 44 को नहीं मिला 'हाथ', इसलिए छूट गया चुनाव में साथ

झुंझुनूं नगर परिषद में सर्वाधिक 122 नामांकन रद्द किए गए है. इनमें 44 जनों को कांग्रेस की टिकट तो 19 जनों को बीजेपी की टिकट ना मिलना ही कारण रहा.  

झुंझुनूं: 44 को नहीं मिला 'हाथ', इसलिए छूट गया चुनाव में साथ
प्रतीकात्मक फोटो

संदीप केडिया, झुंझुनूं: झुंझुनूं नगर परिषद(Jhunjhunu Nagar Parishad) के लिए नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो गई है. यहां पर कुल 471 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे. जिनमें से जांच के बाद 122 नामांकन पत्रों को किसी ना किसी कमी के चलते खारिज कर दिया गया है. इस संख्या में सबसे बड़ा आंकड़ा जो सामने आया है. वो है राजनैतिक पार्टियों की टिकट ना मिलने के कारण.

दरअसल बीजेपी और कांग्रेस ने अंतिम समय में अपने प्रत्याशियों की घोषणा की. जिसके कारण टिकट मांग रहे प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पार्टी प्रत्याशी के तौर पर जमा करवा दिए और पार्टी का टिकट ना मिलने के कारण उनके नामांकन रद्द हो गए.

इसमें भी बात करें तो सर्वाधिक संख्या कांग्रेस की टिकट चाहने वालों की है. करीब 44 प्रत्याशियों के नामांकन इसलिए रद्द किए गए है कि उनके पास कांग्रेस की टिकट नहीं थी और फिर भी नामांकन दाखिल कर दिया. वहीं 19 नामांकन ऐसे थे, जिन्होंने बीजेपी से टिकट मिलने की आस में नामांकन दाखिल किया. इसके अलावा 15 अन्य नामांकन भी टिकटों के कारण रद्द किए गए है. जिनकी पार्टी साफ नहीं हो पाई है. लेकिन कुल मिलाकर हाथ का साथ ना मिलने से बड़ी संख्या में पार्षद के दावेदारों के नामांकन कैंसिल हो गए है.
 
अधिक संतान, फिर भी दे दिया टिकट
बीजेपी और कांग्रेस में एक-एक प्रत्याशी का आवेदन दो से अधिक संतान होने के चलते कैंसिल किया गया है. जिसमें पार्टी द्वारा टिकट वितरण से पूर्व की जाने वाली प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए. क्योंकि दोनों ही पार्टी ने एक-एक उम्मीदवार ऐसा चुनाव मैदान में उतार दिया. जिनके दो से अधिक संतान होने के कारण वे चुनाव लडऩे के योग्य नहीं थे. वार्ड नंबर छह से बीजेपी की प्रत्याशी सरोज शर्मा और वार्ड नंबर 27 से कांग्रेस प्रत्याशी सत्तार का नामांकन दो से अधिक संतान होने के कारण रद्द कर दिया गया.

75 नामांकन हुए रिपिट
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक झुंझुनूं नगर परिषद में 75 नामांकन ऐसे सामने आए है. जो एक प्रत्याशी द्वारा दो या फिर इससे अधिक दाखिल किए गए है. जिन्हें भी जांच के दौरान नियमानुसार एडजस्ट कर दिया गया है. जिन प्रत्याशियों ने पार्टी की टिकट पर और निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है. उनका निर्दलीय नामांकन पार्टी की टिकट के साथ नत्थी कर दिय गया है. तो वहीं जिन लोगों को पार्टी का टिकट नहीं मिला नहीं, उनका एक नामांकन निरस्त कर निर्दलीय रख लिया है. वहीं कई ऐसे चेहरे भी है. जिन्होंने पार्टी के प्रति विश्वास जताते हुए केवल पार्टी से अपना नामांकन दाखिल किया. तो उनका निरस्त कर दिया गया है. कुल मिलाकर पांच नवंबर तक 396 उम्मीदवारों ने 471 नामांकन दाखिल किए थे. इनमें 75 नामांकन इन 396 उम्मीदवारों में से ही थे.

मतदाता सूची में नाम नहीं, फिर भी भर दिया नामांकन
जांच के दौरान वार्ड नंबर 21 से एक नामांकन इसलिए खारिज किया गया. क्योंकि इस महिला अभ्यर्थी का नाम ही मतदाता सूची में नहीं था. वहीं इसके तीन प्रस्तावक ऐसे थे. जो वार्ड नंबर 21 से ताल्लुक नहीं रखते थे. वहीं एक ही प्रस्ताव द्वारा एक से अधिक अभ्यर्थियों का बनने पर चार आवेदनों को खारिज किया गया.

ओबीसी का प्रमाण पत्र नहीं दिया तो किसी ने शुल्क पूरा नहीं चुकाया
जांच में ऐसे भी कई आवेदन खारिज किए गए. जिन्होंने ओबीसी का प्रमाण पत्र नहीं दिया. वहीं आवेदन का शुल्क पूरा नहीं चुकाया. दरअसल तीन अभ्यर्थियों ने ओबीसी आरक्षित वार्डों से नामांकन दाखिल किया. लेकिन वे ओबीसी श्रेणी से है या नहीं? इसका उन्होंने प्रमाण नहीं दिया. जिसके कारण उनका नामांकन खारिज किया गया. वहीं दो अभ्यर्थियों ने शुल्क पूरा नहीं चुकाया. वे शुल्क में छूट के हकदार है या नहीं? इसका प्रमाण पत्र नहीं दिया.